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बिहार के युवाओं के लिए बड़ा रोजगार मौका, सरकार की नई योजना से मिलेगी नौकरी

बिहार के छात्रों और युवाओं के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर एक नई रोजगार योजना शुरू की है, जिसे राज्य के लाखों युवाओं के लिए बड़ा अवसर माना जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य इंटर पास युवाओं को स्किल ट्रेनिंग देकर उन्हें देश की बड़ी कंपनियों में रोजगार दिलाना है। सरकार का दावा है कि इस पहल से बिहार के उन युवाओं को सबसे ज्यादा फायदा होगा जो अब तक नौकरी की तलाश में दूसरे राज्यों में भटकने को मजबूर थे। अब उन्हें अपने ही राज्य में प्रशिक्षण और रोजगार दोनों का अवसर मिलेगा, जिससे पलायन की समस्या में भी कमी आने की उम्मीद है।

CPET और BSDM के जरिए हर महीने 1500 युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण

इस योजना को केंद्रीय CPET और बिहार सरकार के BSDM मिशन के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार हर महीने 1500 से अधिक युवाओं को चयनित कर उन्हें विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में ट्रेनिंग दी जाएगी। खास बात यह है कि इसमें बिहार के किसी भी जिले के युवा आवेदन कर सकते हैं, और चयन प्रक्रिया पूरी तरह “पहले आओ पहले पाओ” के आधार पर की जा रही है। हर जिले से लगभग 40 युवाओं का चयन किया जाएगा, जो सरकार के निर्धारित नियमों और शर्तों को पूरा करते हैं। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को रोजगार योग्य बनाकर उन्हें देश की बड़ी कंपनियों से जोड़ना है।

बिहार के युवाओं के लिए बड़ा रोजगार मौका, सरकार की नई योजना से मिलेगी नौकरी

12वीं पास युवाओं के लिए सुनहरा अवसर, मुफ्त ट्रेनिंग और स्टाइपेंड

इस योजना में आवेदन करने के लिए न्यूनतम योग्यता 10+2 यानी इंटर पास रखी गई है। इसके साथ ही उम्मीदवारों की आयु 18 से 30 वर्ष के बीच होनी चाहिए। चयनित युवाओं को चार महीने का इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग कोर्स कराया जाएगा, जो पूरी तरह निःशुल्क होगा। ट्रेनिंग के दौरान रहने, खाने और स्टाइपेंड की सुविधा भी दी जाएगी, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवाओं को बड़ा लाभ मिलेगा। प्रशिक्षण में मशीन ऑपरेशन, इंडस्ट्रियल स्किल्स और कंपनियों की जरूरत के अनुसार विशेष तकनीकी शिक्षा दी जाएगी, ताकि युवा सीधे रोजगार के लिए तैयार हो सकें।

बिहार में नए ट्रेनिंग सेंटर, 100 प्रतिशत प्लेसमेंट का दावा

इस योजना के तहत बिहार में भागलपुर, हाजीपुर और बिहटा में आधुनिक ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किए गए हैं। सबसे पहले हाजीपुर सेंटर शुरू हुआ था, जिसके बाद भागलपुर और बिहटा में भी केंद्रों का विस्तार किया गया। यहां युवाओं को औद्योगिक कंपनियों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सरकार के अनुसार ट्रेनिंग पूरी करने के बाद युवाओं को देश के किसी भी हिस्से में नौकरी मिल सकती है। अधिकारियों का दावा है कि इस योजना के तहत 100 प्रतिशत प्लेसमेंट सुनिश्चित किया जाएगा और शुरुआती वेतन 16 हजार से 25 हजार रुपये तक हो सकता है। यदि यह योजना सफल रहती है तो हर साल हजारों युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है।

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