पहले ही प्रयास में जुड़वा भाइयों ने फतह की NEET 2026, शानदार रैंक से बढ़ाया हरियाणा का मान

हरियाणा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, छपार रांगरान के जुड़वा भाइयों मासूम और मयंक ने पहले ही प्रयास में NEET-2026 परीक्षा उत्तीर्ण कर विद्यालय, परिवार और पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। दोनों भाइयों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए मेडिकल क्षेत्र में अपने सपनों को साकार करने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया है। उनकी सफलता मेहनत, अनुशासन और निरंतर तैयारी का बेहतरीन उदाहरण मानी जा रही है।
दोनों भाइयों ने हासिल की शानदार रैंक
NEET-2026 में मासूम ने 603 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया रैंक (AIR) 9146 और ओबीसी रैंक 4033 हासिल की। वहीं उनके जुड़वा भाई मयंक ने 602 अंक अर्जित कर ऑल इंडिया रैंक 9472 तथा ओबीसी रैंक 4187 प्राप्त की। खास बात यह रही कि दोनों ने पहली बार NEET परीक्षा दी और पहले ही प्रयास में सफलता हासिल कर मिसाल पेश की।
परिवार और शिक्षकों के मार्गदर्शन का मिला साथ
दोनों छात्र मूल रूप से गांव झांवरी के निवासी हैं। उनके पिता सरकारी मॉडल स्कूल भूना में जीव विज्ञान (बायोलॉजी) के प्रवक्ता हैं, जबकि उनकी माता नीतू देवी गृहिणी हैं। परिवार का सहयोग, पढ़ाई के लिए सकारात्मक माहौल और शिक्षकों का मार्गदर्शन उनकी सफलता की मजबूत नींव बना।

विद्यालय ने बताया प्रेरणादायक उपलब्धि
विद्यालय के प्राचार्य सुरेंद्र कुमार और प्रवक्ता दीपचंद ने कहा कि दोनों विद्यार्थियों की उपलब्धि उनकी कड़ी मेहनत, लगन और अभिभावकों के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यह सफलता विद्यालय के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी और उन्हें अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का संदेश देगी।
क्षेत्र में खुशी का माहौल
दोनों भाइयों की सफलता पर विद्यालय के शिक्षकों, विद्यार्थियों, अभिभावकों और क्षेत्र के लोगों ने खुशी व्यक्त की। सभी ने दोनों छात्रों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि वे आगे चलकर चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाएं देकर समाज और देश का नाम रोशन करेंगे।
मासूम और मयंक की सफलता यह साबित करती है कि सही मार्गदर्शन, परिवार का सहयोग और निरंतर मेहनत से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। पहले ही प्रयास में NEET जैसी कठिन परीक्षा में शानदार प्रदर्शन कर दोनों भाइयों ने न केवल अपने परिवार का सपना पूरा किया, बल्कि हजारों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा भी बन गए।
