
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पार्टी की चुनावी रणनीति और विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर अपनी बात रखी। एक मीडिया इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के कार्यकर्ता उत्तर प्रदेश में लगातार मेहनत कर रहे हैं और AIMIM राज्य में संगठन को मजबूत करने में जुटी हुई है। उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के साथ संभावित गठबंधन को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी।
सपा से गठबंधन पर क्या बोले ओवैसी?
अखिलेश यादव के साथ संभावित गठबंधन के सवाल पर ओवैसी ने कहा कि AIMIM एक राजनीतिक दल है और यदि भाजपा को हराने के लिए गठबंधन की संभावना बनती है तो बातचीत की जा सकती है। उन्होंने कहा कि बिहार में भी उनकी पार्टी ने गठबंधन की इच्छा जताई थी और उत्तर प्रदेश में भी उनका रुख वही है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सीटों के बंटवारे जैसे मुद्दे मीडिया के माध्यम से नहीं, बल्कि आपसी बातचीत से तय किए जाते हैं।

बसपा पर बोले- बातचीत होगी तो जानकारी देंगे
बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती के साथ संभावित गठबंधन पर ओवैसी ने कहा कि फिलहाल कोई बातचीत नहीं चल रही है। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में इस संबंध में कोई चर्चा होती है तो इसकी जानकारी सार्वजनिक रूप से दी जाएगी।
जौहर यूनिवर्सिटी, UCC और परिसीमन पर रखी राय
इंटरव्यू के दौरान ओवैसी ने जौहर यूनिवर्सिटी, समान नागरिक संहिता (UCC), परिसीमन (Delimitation) और वन नेशन-वन इलेक्शन जैसे मुद्दों पर भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने इन विषयों पर केंद्र और भाजपा की नीतियों की आलोचना की तथा अपनी राजनीतिक आपत्तियां दर्ज कराईं। साथ ही उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर उनकी पार्टी का रुख पहले से स्पष्ट रहा है।
वन नेशन-वन इलेक्शन पर भी जताई आपत्ति
ओवैसी ने वन नेशन-वन इलेक्शन के प्रस्ताव पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े ऐसे बड़े फैसलों पर व्यापक चर्चा और सहमति जरूरी है। उनके अनुसार विपक्षी दलों को ऐसे मुद्दों पर मिलकर रणनीति बनानी चाहिए।
राजनीतिक गतिविधियां तेज
ओवैसी ने यह भी बताया कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक स्तर पर लगातार सक्रिय है और कार्यकर्ता गांव-गांव तक पहुंच रहे हैं। उन्होंने आगामी दिनों में विभिन्न राजनीतिक बैठकों और कार्यक्रमों में भाग लेने की भी जानकारी दी। इसी क्रम में उन्होंने 24 जुलाई को दिल्ली में प्रस्तावित मुस्लिम समुदाय की एक बैठक का भी उल्लेख किया, जिसमें कई प्रमुख नेताओं के शामिल होने की बात कही।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले असदुद्दीन ओवैसी के बयान को राज्य की बदलती राजनीतिक रणनीतियों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, सपा या बसपा के साथ किसी संभावित गठबंधन को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। आने वाले समय में राजनीतिक दलों के बीच होने वाली बातचीत और चुनावी समीकरणों पर सभी की नजर बनी रहेगी।
