
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को शाजापुर जिले के ग्राम मकोड़ी स्थित श्याम वेयरहाउस उपार्जन केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने समर्थन मूल्य पर चल रही गेहूं खरीदी व्यवस्था की जमीनी हकीकत को खुद परखा। मुख्यमंत्री ने ट्रॉली पर चढ़कर गेहूं की गुणवत्ता और भंडारण व्यवस्था का निरीक्षण किया और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और सुचारू रहनी चाहिए ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने मौके पर मौजूद किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि किसी भी किसान का गेहूं बिना बिके न रहे।
किसानों की समस्याएं और स्लॉट बुकिंग पर सरकार का जवाब
निरीक्षण के दौरान किसानों ने मुख्यमंत्री के सामने सबसे बड़ी समस्या स्लॉट बुकिंग में आ रही तकनीकी दिक्कतों को रखा। किसानों ने बताया कि समय पर स्लॉट न मिलने के कारण उपज बेचने में परेशानी हो रही है। इस पर मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार हर स्थिति में किसानों के हित में खड़ी है और जब तक सभी किसानों का गेहूं नहीं बिक जाता, खरीदी जारी रहेगी। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि फिलहाल गेहूं खरीदी की अवधि 23 मई तक बढ़ा दी गई है और आवश्यकता पड़ने पर इसे आगे भी बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी किसान को केंद्र से वापस न लौटना पड़े।

सेमली धाम में संत से भेंट और प्रशासनिक तैयारियां
शाजापुर दौरे के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सेमली धाम पहुंचे, जहां उन्होंने पंडित कमल किशोर नागर से मुलाकात की और धार्मिक एवं सामाजिक विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री के दौरे की सूचना प्रशासन को पहले ही मिल गई थी, जिसके बाद सभी उपार्जन केंद्रों पर व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया गया और निगरानी बढ़ा दी गई। निरीक्षण के दौरान यह भी सुनिश्चित किया गया कि खरीदी केंद्रों पर किसानों को किसी प्रकार की अव्यवस्था का सामना न करना पड़े और पूरी प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित हो।
किसानों के हित और सरकार की नीति पर मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य सरकार लगातार किसानों के हित में काम कर रही है और उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा प्रदेश को गेहूं खरीदी का बढ़ा हुआ लक्ष्य दिया गया है, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद सरकार किसानों की उपज खरीदने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, जबकि पिछली सरकारों के समय किसानों को इस तरह की सुविधाएं नहीं मिल पाती थीं।
