
कुमारी सैलजा ने हरियाणा के फतेहाबाद जिले के गांव कुम्हारिया के दो युवाओं अंकित जांगड़ा और विजय पूनिया की यूक्रेन-रूस युद्ध से जुड़ी दुखद मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया है। इस घटना ने पूरे राज्य को स्तब्ध कर दिया है। सांसद ने इसे अत्यंत पीड़ादायक और दिल दहला देने वाली घटना बताया और कहा कि यह सिर्फ दो परिवारों का नहीं बल्कि पूरे समाज का नुकसान है।
विदेश में रोजगार के नाम पर धोखे का गंभीर आरोप
सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि दोनों युवक बेहतर रोजगार और उज्ज्वल भविष्य की तलाश में विदेश गए थे, लेकिन उन्हें कथित रूप से नौकरी का झांसा देकर युद्ध क्षेत्र में भेज दिया गया। यह आरोप इस बात की ओर इशारा करता है कि विदेश रोजगार के नाम पर युवाओं के साथ गंभीर धोखाधड़ी हो रही है। ऐसी घटनाएं न केवल व्यक्तिगत स्तर पर त्रासदी हैं बल्कि पूरी व्यवस्था की खामियों को भी उजागर करती हैं।

युवाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना ने विदेशों में रोजगार के लिए जाने वाले युवाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सांसद ने कहा कि यह मामला केवल एक दुर्घटना नहीं बल्कि प्रशासनिक सतर्कता और निगरानी तंत्र की कमी को भी दर्शाता है। उन्होंने यह भी बताया कि इस मुद्दे को पहले भी संबंधित विभागों के सामने उठाया गया था, लेकिन अपेक्षित कदम नहीं उठाए गए, जिससे ऐसी दुखद घटनाएं दोबारा सामने आईं।
मजबूत और पारदर्शी प्रणाली की तत्काल जरूरत
हरियाणा की सांसद ने कहा कि अब समय आ गया है कि विदेशों में रोजगार की तलाश में जाने वाले युवाओं के लिए एक मजबूत, पारदर्शी और जवाबदेह सुरक्षा तंत्र विकसित किया जाए। उन्होंने सरकार से अपील की कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाए और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस नीति बनाई जाए। यह घटना न केवल एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी भी है।
