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80 साल की उम्र में आसमान से लगाई छलांग! ऑस्ट्रेलिया में 18 हजार फीट से स्काईडाइव कर चूहड़ सिंह ने रचा इतिहास

जहां बढ़ती उम्र में लोग आराम को प्राथमिकता देते हैं, वहीं हरियाणा के 80 वर्षीय चूहड़ सिंह ने अपने साहस और आत्मविश्वास से दुनिया को प्रेरित कर दिया। ऑस्ट्रेलिया में 18 हजार फीट की ऊंचाई से स्काईडाइविंग कर उन्होंने यह साबित कर दिया कि सपनों को पूरा करने की कोई उम्र नहीं होती।

80 की उम्र में दिखाया अद्भुत साहस

हरियाणा के कलायत क्षेत्र के बात्ता गांव निवासी Chuhar Singh इन दिनों अपनी अनोखी उपलब्धि को लेकर चर्चा में हैं। अपने पोते अंकित के साथ दो महीने के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गए चूहड़ सिंह ने वहां स्काईडाइविंग देखकर खुद भी इसे करने की इच्छा जताई। मेडिकल जांच में फिट पाए जाने के बाद उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के इस साहसिक चुनौती को स्वीकार कर लिया।

18 हजार फीट से लगाई छलांग

चूहड़ सिंह ने करीब 18,000 फीट की ऊंचाई से विमान से छलांग लगाई। लगभग 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उन्होंने करीब 60 सेकेंड तक फ्री-फॉल का रोमांचक अनुभव लिया। स्काईडाइविंग के दौरान उनका आत्मविश्वास और उत्साह देखने लायक था, जिसने वहां मौजूद लोगों को भी प्रभावित किया।

80 साल की उम्र में आसमान से लगाई छलांग! ऑस्ट्रेलिया में 18 हजार फीट से स्काईडाइव कर चूहड़ सिंह ने रचा इतिहास

तिरंगा लहराकर बढ़ाया देश का मान

इस साहसिक यात्रा की सबसे खास बात यह रही कि चूहड़ सिंह ने स्काईडाइविंग के दौरान अपना पारंपरिक सफेद कुर्ता पहना और आसमान में भारत का तिरंगा लहराया। इस अनोखे दृश्य का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग उनके जज्बे की जमकर सराहना कर रहे हैं।

पहले भी कर चुके हैं स्काईडाइविंग

यह चूहड़ सिंह का पहला स्काईडाइविंग अनुभव नहीं था। इससे पहले वे पंजाब के Patiala Airfield में 15,000 फीट की ऊंचाई से भी स्काईडाइविंग कर चुके हैं। पिछले अनुभव ने इस बार उनके आत्मविश्वास को और मजबूत किया, जिसके कारण उन्होंने अधिक ऊंचाई से भी सफलतापूर्वक छलांग लगाई।

पोते का सपना, दादा की नई उड़ान

चूहड़ सिंह के पोते अंकित ने बताया कि स्काईडाइविंग से पहले मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट अनिवार्य होता है। उन्होंने कहा कि दादा ने पूरी जिंदगी खेती-किसानी में कड़ी मेहनत की है और अब उनका सपना है कि उन्हें दुनिया घुमाकर नई-नई खुशियां दी जाएं। उनका मानना है कि देसी खानपान, सादा जीवन और सकारात्मक सोच ही दादा की ऊर्जा का सबसे बड़ा राज है।

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