मजदूरी मांगने पर ट्रैक्टर चालक से मारपीट का आरोप, लोहे के सरिए और चाकू से हमले का दावा

गोरखपुर के खजनी क्षेत्र में बकाया मजदूरी मांगना एक ट्रैक्टर चालक को भारी पड़ गया। पीड़ित का आरोप है कि भुगतान मांगने पर उसे लोहे की सरिया और चाकू से पीटा गया। जान बचाने के लिए उसे दीवार कूदकर भागना पड़ा, जिसके बाद पुलिस में शिकायत की गई।
बकाया मजदूरी मांगने पर बढ़ा विवाद
खजनी थाना क्षेत्र के उसवां बाबू गांव निवासी महेंद्र कुमार ईंट भट्ठे पर ट्रैक्टर चालक के रूप में काम करते हैं। उनका आरोप है कि लंबे समय से उनकी मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया था।
महेंद्र के मुताबिक, शनिवार 22 अगस्त को भट्ठा मालिकों ने बकाया रकम देने के बहाने उन्हें एक स्थान पर बुलाया। वहां पहुंचने पर उनसे पहले एक नया काम करने को कहा गया।
पहले भुगतान की मांग पर नाराज हुए मालिक
महेंद्र ने कथित तौर पर कहा कि पहले उनकी पुरानी मजदूरी का भुगतान किया जाए, उसके बाद वह नया काम करेंगे। आरोप है कि इस बात पर भट्ठा मालिक नाराज हो गए।
पीड़ित के अनुसार, विवाद बढ़ने के बाद उसके साथ मारपीट शुरू कर दी गई। उसने लोहे की सरिया और चाकू से हमला किए जाने का भी आरोप लगाया है।

दीवार कूदकर बचाई जान
महेंद्र का दावा है कि हमले से बचने के लिए उन्होंने किसी तरह वहां से निकलने की कोशिश की। वह दीवार कूदकर मौके से भागे और सीधे खजनी थाने पहुंचे।
घटना के बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की। हालांकि, उनका आरोप है कि प्रभावशाली भट्ठा मालिकों के दबाव में एक दारोगा ने उनकी शिकायत सुनने के बजाय उन्हें थाने से बाहर जाने को कहा।
क्षेत्राधिकारी ने लिया संज्ञान
मामले की जानकारी खजनी क्षेत्राधिकारी दीपांशी राठौर तक पहुंची तो उन्होंने तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने संबंधित पुलिस अधिकारियों को केस दर्ज करने और मामले में प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए।
अब पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। मारपीट की वास्तविक वजह और इसमें शामिल लोगों की भूमिका जांच के बाद स्पष्ट होगी।
मजदूरी विवाद ने खड़े किए सवाल
घटना ने मजदूरों को समय पर मजदूरी मिलने और शिकायतों पर पुलिस की शुरुआती कार्रवाई को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। किसी भी मजदूर के लिए लंबे समय तक भुगतान नहीं मिलना गंभीर आर्थिक परेशानी का कारण बन सकता है।
वहीं, मारपीट जैसे गंभीर आरोप सामने आने के बाद निष्पक्ष जांच और दोनों पक्षों का पक्ष सामने आना जरूरी है।
जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
फिलहाल मामले में पीड़ित के आरोपों के आधार पर पुलिस कार्रवाई की दिशा में आगे बढ़ रही है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
मजदूरी का भुगतान मांगना किसी भी कामगार का अधिकार है। विवाद की स्थिति में कानून का रास्ता अपनाना चाहिए, हिंसा का नहीं। अब निगाह इस बात पर है कि पुलिस जांच में क्या सामने आता है और पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए आगे क्या कार्रवाई की जाती है।
