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BPSC अधिकारी के ‘कुत्ता भौंके’ बयान पर एक्शन, CM सम्राट चौधरी ने किया सस्पेंड

बिहार में BPSC परीक्षा नियंत्रक के विवादित बयान ने सोमवार को छात्र आंदोलन के बीच सियासी और प्रशासनिक हलचल बढ़ा दी। वीडियो वायरल होने के कुछ ही घंटों बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मामले का संज्ञान लिया और अधिकारी को निलंबित करने का निर्देश देकर साफ संदेश दिया कि ऐसी भाषा स्वीकार नहीं होगी।

विवादित बयान से गरमाया मामला

पटना के गर्दनीबाग में शिक्षक अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। इसी बीच सोमवार को BPSC ने TRE-4 परीक्षा को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने परीक्षा से जुड़ी जानकारी देते हुए आंदोलन कर रहे छात्रों के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी।

इसी दौरान उनका एक बयान सामने आया, जिसने देखते ही देखते विवाद खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा, “हाथी चले बाजार, कुत्ता भौंके हजार।” वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और छात्रों में नाराजगी बढ़ गई।

मुख्यमंत्री ने लिया तत्काल संज्ञान

विवाद बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मामले को गंभीरता से लिया। जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारी से बात की और सामान्य प्रशासन विभाग को उन्हें निलंबित करने का निर्देश दिया।

BPSC अधिकारी के ‘कुत्ता भौंके’ बयान पर एक्शन, CM सम्राट चौधरी ने किया सस्पेंड

बयान के कुछ ही घंटों के भीतर हुई कार्रवाई को प्रशासन की ओर से कड़ा संदेश माना जा रहा है। सरकार ने स्पष्ट किया कि अधिकारियों से सार्वजनिक मंचों पर संयमित और जिम्मेदार भाषा की अपेक्षा की जाती है।

परीक्षा नियंत्रक ने जताया था खेद

विवाद बढ़ने के बाद राजेश कुमार सिंह ने अपने बयान पर खेद भी जताया। उनका कहना था कि उन्होंने केवल एक लोकोक्ति का इस्तेमाल किया था। हालांकि, अगर उनकी बात से किसी को ठेस पहुंची है तो उन्होंने इसके लिए खेद व्यक्त किया।

लेकिन उनके स्पष्टीकरण के बावजूद मामला शांत नहीं हुआ। छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों की ओर से कार्रवाई की मांग जारी रही।

छात्रों की मांगों के बीच हुआ विवाद

BPSC की प्रेस कॉन्फ्रेंस ऐसे समय हुई, जब TRE-4 शिक्षक अभ्यर्थी पटना के गर्दनीबाग में आंदोलन कर रहे हैं। अभ्यर्थी परीक्षा में निगेटिव मार्किंग हटाने और परीक्षा को एक चरण में कराने की मांग कर रहे हैं।

BPSC ने साफ किया कि TRE-4 परीक्षा दो चरणों में होगी और निगेटिव मार्किंग भी लागू रहेगी। आयोग के इस रुख से पहले ही नाराज छात्रों के बीच परीक्षा नियंत्रक की टिप्पणी ने स्थिति और गर्म कर दी।

विपक्ष ने भी मांगा था एक्शन

राजेश कुमार सिंह के बयान पर तेजस्वी यादव समेत विपक्षी नेताओं ने सवाल उठाए थे। जन सुराज की ओर से भी परीक्षा नियंत्रक से माफी मांगने की मांग की गई थी।

सोशल मीडिया पर विवाद बढ़ने के बाद सरकार की कार्रवाई ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। अब छात्रों की नजर परीक्षा से जुड़ी उनकी बाकी मांगों पर भी है।

कार्रवाई से क्या संदेश गया?

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के तत्काल फैसले से यह संकेत गया है कि छात्र आंदोलनों और संवेदनशील मुद्दों के बीच अधिकारियों के बयानों को सरकार गंभीरता से ले रही है। हालांकि, असली चुनौती अब छात्रों की परीक्षा संबंधी मांगों और आयोग के फैसलों के बीच समाधान तलाशने की है।

एक विवादित वाक्य ने प्रशासनिक कार्रवाई जरूर करा दी, लेकिन छात्रों का आंदोलन तब तक खत्म नहीं होगा, जब तक उनके मूल सवालों पर भरोसेमंद जवाब और ठोस समाधान सामने नहीं आता।

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