सागर में स्वतंत्रता सेनानी के खाते से 1.76 लाख रुपये पार, न OTP आया न मैसेज, साइबर सेल ने जांच शुरू की

मध्य प्रदेश के सागर में साइबर ठगी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ताराचंद जैन के बैंक खाते से 1.76 लाख रुपये निकल गए। परिवार के मुताबिक, न OTP आया, न फोन और न ही कोई बैंक अलर्ट मिला। अब साइबर सेल पूरे मामले की जांच कर रही है।
80 साल पुराने खाते में सेंध
सागर के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ताराचंद जैन का कटरा बाजार स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में करीब 80 वर्षों से खाता है। इसी खाते में उनकी पेंशन की रकम आती है।
मंगलवार को जब उनके बेटे संतोष जैन बैंक पहुंचे और खाते का विवरण देखा, तो उनके होश उड़ गए। खाते में जमा रकम गायब थी। परिवार को समझ नहीं आया कि आखिर बिना किसी जानकारी के पैसा कैसे निकल गया।
तीन ट्रांजेक्शन में निकाली रकम
बैंक रिकॉर्ड की जांच में सामने आया कि खाते से रकम एक बार में नहीं, बल्कि तीन अलग-अलग ट्रांजेक्शन में निकाली गई।
पहले ट्रांजेक्शन में 1 लाख रुपये निकाले गए। इसके बाद 2 रुपये और फिर 76,900 रुपये का लेनदेन हुआ। इस तरह कुल 1,76,902 रुपये खाते से गायब हो गए।
छोटी रकम के ट्रांजेक्शन के बाद बड़ी रकम निकालने का पैटर्न भी जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है।

न OTP आया, न कोई अलर्ट
इस मामले की सबसे चौंकाने वाली बात परिवार का यह दावा है कि पैसे निकलने के बावजूद मोबाइल पर कोई OTP, फोन कॉल या बैंक अलर्ट नहीं आया।
संतोष जैन के मुताबिक, उनके पिता यह रकम मंदिर में दान करने के लिए जमा कर रहे थे। परिवार को जब खाते की स्थिति पता चली, तब तक पैसा निकाला जा चुका था।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बिना सामान्य बैंक अलर्ट के ट्रांजेक्शन कैसे हुए।
साइबर सेल ने शुरू की जांच
मामला सामने आने के बाद पीड़ित परिवार सागर एसपी कार्यालय पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद साइबर सेल की टीम ने जांच शुरू कर दी है।
जांच में बैंक ट्रांजेक्शन, निकासी के माध्यम और खाते से जुड़े तकनीकी रिकॉर्ड की पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रकम किस माध्यम से और किस खाते या व्यक्ति तक पहुंची।
पेंशन की रकम पर लगी बड़ी चोट
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की पेंशन से जुड़ी रकम के इस तरह गायब होने से परिवार की चिंता बढ़ गई है। परिवार ने पुलिस से जल्द कार्रवाई करते हुए ठगी की रकम वापस दिलाने की गुहार लगाई है।
ऐसे मामलों में समय पर बैंक और साइबर पुलिस को सूचना देना बेहद महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि शुरुआती घंटों में किए गए प्रयास से रकम को आगे ट्रांसफर होने से रोकने की संभावना बढ़ सकती है।
जांच के बाद खुलेगा पूरा राज
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि ठगों ने बैंक खाते तक कैसे पहुंच बनाई। क्या बैंकिंग जानकारी किसी माध्यम से हासिल की गई या किसी तकनीकी तरीके का इस्तेमाल हुआ—इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे।
सागर की यह घटना एक बार फिर बताती है कि बैंक खाते में पैसा सुरक्षित रखना सिर्फ पासवर्ड या OTP तक सीमित नहीं है। बैंकिंग अलर्ट में असामान्य स्थिति दिखे तो तुरंत कार्रवाई करना जरूरी है, क्योंकि साइबर ठगी में कुछ घंटे भी बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
