रेवाड़ी में जानलेवा हमला: 24 घंटे में 7 आरोपी गिरफ्तार, शहर में कराई पैदल परेड

भाड़ावास रोड पर युवक पर हुए हमले ने इलाके में सनसनी फैला दी। पुलिस ने तेजी दिखाते हुए सात संदिग्ध आरोपियों को 24 घंटे के भीतर दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद शहर में उनकी पैदल परेड कराई गई, जिससे बाजार में लोगों की भीड़ जुट गई।
भाड़ावास रोड पर अचानक हुआ हमला
हरियाणा के रेवाड़ी में आपसी रंजिश ने एक युवक की जान खतरे में डाल दी। घटना रात करीब 11 बजे भाड़ावास रोड स्थित आत्मप्रकाश अस्पताल के पास हुई। शिकायत के मुताबिक, मनीष एक बाइक पर सवार होकर घर जा रहा था। तभी पीछे से आई काले रंग की स्कॉर्पियो ने बाइक को टक्कर मार दी।
पिस्टल तानकर रॉड-लाठी से हमला
टक्कर के बाद स्कॉर्पियो से कई युवक बाहर निकले और मनीष पर हमला कर दिया। आरोप है कि कुछ युवकों ने पिस्टल तानकर उसे रॉड, लाठी और डंडों से पीटा। इसी दौरान पेट्रोलिंग पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस को देखते ही आरोपी धमकी देते हुए फरार हो गए। शुरुआती जांच में पुलिस ने वारदात के पीछे आपसी रंजिश की बात कही है।

CIA ने संभाली जांच की कमान
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी अभिषेक मीणा ने शहर थाना पुलिस के साथ CIA रेवाड़ी को भी आरोपियों की गिरफ्तारी का जिम्मा सौंपा। CIA प्रभारी संजय कुमार की टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 24 घंटे पूरे होने से पहले ही सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
सात आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विक्रम भान, हैप्पी, दीपांशु उर्फ मैसी, विपिन, राहुल, आदित्य उर्फ माया और कुणाल के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि इनमें से कुछ आरोपियों का पहले भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। अब पुलिस वारदात में इस्तेमाल हथियार और स्कॉर्पियो की तलाश कर रही है।
शहर में कराई गई पैदल परेड
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सातों आरोपियों को शहर में पैदल परेड कराई। पुलिस वाहनों के बीच आरोपियों को पैदल ले जाया गया। इस दौरान बाजार में दुकानदारों और राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। कार्रवाई का उद्देश्य कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस की सख्ती का संदेश देना भी माना जा रहा है।
अपराधियों को सख्त संदेश
एसपी अभिषेक मीणा ने कहा कि जिले में आपराधिक तत्वों से सख्ती से निपटा जाएगा और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी। अब पुलिस की अगली चुनौती हमले में इस्तेमाल हथियार और वाहन बरामद करना तथा मामले से जुड़े अन्य तथ्यों को सामने लाना है। यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि गंभीर अपराध के मामलों में तेज पुलिस कार्रवाई अपराधियों पर दबाव बढ़ा सकती है।
