अनंत सिंह हुए शांत, ललन सिंह की पहल से नीरज कुमार विवाद में आया नया मोड़

बिहार विधान परिषद चुनाव से पहले जेडीयू के भीतर अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच चल रहा विवाद अब कुछ शांत होता दिख रहा है। केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने अनंत सिंह से बातचीत के बाद कहा कि वह नीरज कुमार के खिलाफ सार्वजनिक बयानबाजी नहीं करेंगे। इससे पार्टी नेतृत्व ने फिलहाल राहत की सांस ली है।
ललन सिंह की बातचीत के बाद बदले अनंत के तेवर
पटना स्नातक सीट को लेकर जेडीयू विधायक अनंत सिंह और पार्टी प्रत्याशी नीरज कुमार के बीच कई दिनों से राजनीतिक खींचतान चल रही थी। अनंत सिंह ने नीरज कुमार के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल रखा था और जन सुराज के उम्मीदवार अनुज कुमार सिंह के समर्थन में प्रचार भी किया था।
अब केंद्रीय मंत्री और जेडीयू के वरिष्ठ नेता ललन सिंह के हस्तक्षेप के बाद स्थिति बदलती दिखाई दे रही है। ललन सिंह ने कहा कि उन्होंने अनंत सिंह से बात की है और उन्हें पार्टी के हित में नीरज कुमार के खिलाफ सार्वजनिक बयान नहीं देने के लिए कहा है। उनके मुताबिक, अनंत सिंह ने उनकी बात मान ली है।

नीतीश कुमार ने ललन सिंह से की मुलाकात
विवाद के बीच 5 अक्टूबर को पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ललन सिंह से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब 20 मिनट तक बातचीत होने की जानकारी सामने आई है। इससे पहले जेडीयू नेतृत्व ने इस विवाद को सुलझाने की जिम्मेदारी ललन सिंह को दी थी।
हालांकि, नीतीश कुमार और ललन सिंह के बीच हुई बातचीत में क्या चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इसके बाद ही अनंत सिंह के रुख में बदलाव की खबर सामने आई।
अनंत सिंह ने कहा था- नीतीश बुलाएंगे तो सोचूंगा
विवाद के बीच अनंत सिंह लगातार यह स्पष्ट करते रहे कि उनका विरोध नीरज कुमार से है, नीतीश कुमार से नहीं। इससे पहले उन्होंने कहा था कि अगर नीतीश कुमार उन्हें बुलाते हैं या उनका कोई संदेश आता है, तो वह उस पर विचार करेंगे।
अनंत सिंह ने नीतीश कुमार को अपना नेता बताते हुए उनके प्रति अपनी निष्ठा भी जाहिर की थी। अब ललन सिंह के मुताबिक, बातचीत के बाद अनंत सिंह ने पार्टी के साथ रहने की बात कही है।
नीरज कुमार की राह में क्या थी अनंत सिंह की चुनौती?
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से नीरज कुमार जेडीयू के उम्मीदवार हैं। वह इस सीट से लगातार चौथी जीत के लिए मैदान में हैं। इस चुनाव में अनंत सिंह ने उनके विरोध में जन सुराज प्रत्याशी अनुज कुमार सिंह का समर्थन किया था।
यही वजह थी कि पार्टी के भीतर यह विवाद महज दो नेताओं की व्यक्तिगत नाराजगी तक सीमित नहीं माना जा रहा था। जेडीयू के लिए अपने उम्मीदवार के पक्ष में संगठन को एकजुट रखना अहम है।
23 अक्टूबर को होगा MLC चुनाव
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होना है। इनमें चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। चुनाव की अधिसूचना 29 सितंबर को जारी हो चुकी है और नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है। मतदान 23 अक्टूबर को होगा, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को निर्धारित है।
इस बीच नीरज कुमार ने भी कहा है कि पार्टी बड़ी है और गठबंधन बड़ा है। उन्होंने नीतीश कुमार को पार्टी का प्रमुख राजनीतिक केंद्र बताते हुए कहा कि उनका आशीर्वाद ही उनके लिए महत्वपूर्ण है।
विवाद थमा या आगे भी जारी रहेगा?
फिलहाल ललन सिंह की पहल के बाद अनंत सिंह के सार्वजनिक विरोध में कमी आने के संकेत हैं। लेकिन दोनों नेताओं के बीच पुरानी नाराजगी की वजह से यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि चुनाव तक स्थिति कितनी स्थिर रहती है।
जेडीयू के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती पार्टी के भीतर एकजुटता बनाए रखते हुए पटना स्नातक सीट पर अपने उम्मीदवार नीरज कुमार के पक्ष में चुनावी अभियान को आगे बढ़ाना है।
