राजनीतिदेशमनोरंजनराज्य

अखिलेश यादव ने BJP को घेरा कांति सिंह के बूथ पर बैलेट को लेकर उठाए सवाल

MLC चुनाव की मतगणना के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी चुनाव आयोग और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अखिलेश ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए बीजेपी को चुनावी गिरोह बताया और कहा कि चुनाव की प्रक्रिया में शुरुआत से लेकर वोटों की गिनती तक गड़बड़ी की जा रही है। हालांकि ये सभी आरोप सपा प्रमुख की ओर से लगाए गए हैं और इन पर आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

अखिलेश यादव का कहना है कि चुनाव से पहले मतदाता सूची में नाम काटने या गलतियां करने की शिकायतें सामने आती हैं। मतदान के दिन भी विपक्ष के समर्थकों को अलग अलग वजह बताकर वोट डालने से रोकने का आरोप उन्होंने लगाया। इसके बाद मतगणना के समय भी गड़बड़ी होने की बात कही। अखिलेश ने इसे बीजेपी चुनाव आयोग और प्रशासन का मिला हुआ खेल बताया।

सपा प्रमुख ने लखनऊ से पार्टी की एमएलसी उम्मीदवार कांति सिंह के बूथ नंबर 97 का भी जिक्र किया। उन्होंने सवाल उठाया कि वहां बिना फोल्ड किए हुए बैलेट कैसे मिले। उनके मुताबिक इस मामले को गंभीरता से देखा जाना चाहिए और चुनाव की पूरी प्रक्रिया पर ध्यान देना जरूरी है।

इससे पहले गोरखपुर फैजाबाद शिक्षक एमएलसी चुनाव की मतगणना में भी दो शिकायतें सामने आई थीं। मऊ के बूथ नंबर 115 की मतपेटी में रिकॉर्ड के मुताबिक 623 वोट दर्ज होने के बावजूद 675 वोट मिलने का दावा किया गया था। वहीं देवरिया के बनकटा क्षेत्र से आई एक दूसरी मतपेटी बिना सील मिलने की शिकायत भी की गई थी। इन मामलों में जांच और निर्वाचन अधिकारियों के स्पष्टीकरण का इंतजार है।

लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप और उनकी बेटी कीर्ति कश्यप के सपा में शामिल होने का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि पीडीए को मजबूत करने के लिए अलग अलग सामाजिक वर्गों के लोग पार्टी से जुड़ रहे हैं। शिवपाल यादव ने भी दोनों के पार्टी में आने पर खुशी जताई और कहा कि सपा 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सभी वर्गों को साथ लाने की कोशिश करेगी।

अखिलेश यादव ने दावा किया कि चुनाव की तारीख घोषित होते ही बीजेपी की हार तय हो जाएगी। उन्होंने मतदाता सूची को आधार से जोड़ने और मतदान के दौरान बायोमेट्रिक पहचान की व्यवस्था पर विचार करने का सुझाव भी दिया। इसके साथ ही उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया के जरिए मतदाताओं के नाम काटे जाने का आरोप लगाया और चुनाव से पहले मतदाता सूची दुरुस्त करने की मांग की।

अब देखना होगा कि अखिलेश यादव की ओर से उठाए गए इन सवालों पर चुनाव आयोग और प्रशासन क्या जवाब देते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button