
गोरखपुर फैजाबाद MLC चुनाव की मतगणना के दौरान वोटों की गिनती और मतपेटियों की सील को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मऊ जिले के एक बूथ की मतपेटी में रिकॉर्ड से 52 वोट ज्यादा मिलने का दावा किया गया है। वहीं देवरिया से आई एक दूसरी मतपेटी बिना सील के मिलने की शिकायत भी सामने आई है। इन दोनों मामलों को लेकर प्रत्याशियों ने सवाल उठाए हैं और जांच की मांग की है।
जानकारी के मुताबिक मऊ जिले के बूथ नंबर 115 पर कुल 623 वोट पड़ने का रिकॉर्ड दर्ज था। बताया गया है कि फॉर्म 16 में भी वोटों की संख्या 623 ही लिखी गई थी। लेकिन जब गोरखपुर में मतगणना के दौरान इस पेटी को खोला गया तो उसमें 675 वोट मिलने का दावा सामने आया। रिकॉर्ड और मतपेटी में मिले वोटों की संख्या में अंतर की बात सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया।
इस मामले में निर्दलीय प्रत्याशी अजय सिंह एडवोकेट ने लिखित आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने वोटों की संख्या में अंतर को लेकर जांच की मांग की है। इसके बाद अधिकारियों की ओर से दोबारा गिनती शुरू कराए जाने की बात भी सामने आई है। अब इस पूरे मामले में रिकॉर्ड और मतपेटी में मिले वोटों का मिलान करना जरूरी माना जा रहा है ताकि अंतर की असली वजह सामने आ सके।
इसी मतगणना के दौरान देवरिया जिले से आई एक दूसरी मतपेटी को लेकर भी शिकायत सामने आई। बताया गया कि यह पेटी बनकटा क्षेत्र से आई थी और इसके बिना सील मिलने पर सवाल उठाए गए। निर्दलीय प्रत्याशी अजय सिंह के मुताबिक स्ट्रांग रूम से बाहर निकाले जाने के बाद पेटी की सील नहीं होने की बात सामने आई। इसको लेकर कुछ प्रत्याशियों ने नाराजगी जताई और विरोध भी किया।
गोरखपुर फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के इस चुनाव की मतगणना के बीच दोनों घटनाओं ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि केवल शिकायतों के आधार पर किसी गड़बड़ी की पुष्टि नहीं की जा सकती। इसके लिए मतगणना के रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेजों की जांच जरूरी है।
फिलहाल 52 वोट ज्यादा मिलने के दावे और बिना सील की मतपेटी की शिकायत पर निर्वाचन अधिकारियों के आधिकारिक स्पष्टीकरण का इंतजार है। जांच के बाद ही साफ हो पाएगा कि वोटों की संख्या में अंतर कैसे आया और दूसरी पेटी की सील को लेकर उठे सवालों की सच्चाई क्या है।
