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CBI का बड़ा ऑपरेशन: थाईलैंड और जॉर्जिया से भारत लाए गए दो मोस्ट वांटेड आरोपी

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वांछित दो आरोपियों को विदेश से भारत वापस लाने में बड़ी सफलता हासिल की है। अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों, विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय के सहयोग से एक साइबर ठगी के आरोपी को थाईलैंड से और एक कुख्यात गैंगस्टर को जॉर्जिया से भारत लाया गया है।

पहले मामले में साइबर अपराध के आरोपी गणेश बालासो काले को थाईलैंड से डिपोर्ट कर भारत लाया गया। जांच एजेंसियों के अनुसार, गणेश बालासो काले ऑनलाइन पार्ट-टाइम नौकरी का झांसा देकर लोगों से निवेश के नाम पर रकम जमा करवाता था और बाद में उनके साथ धोखाधड़ी करता था। उस पर साइबर अपराधियों का नेटवर्क संचालित करने का भी आरोप है।

जांच में सामने आया कि आरोपी लोगों को कमीशन और अधिक मुनाफे का लालच देकर उनके बैंक खातों का इस्तेमाल अवैध लेन-देन के लिए करता था। इसके अलावा फर्जी सिम कार्ड और मोबाइल फोन की व्यवस्था कर साइबर अपराधों को अंजाम देने में भी उसकी भूमिका बताई गई है।

इंटरपोल द्वारा जारी रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर आरोपी का पता थाईलैंड में लगाया गया था। 24 मई 2026 को बैंकॉक में स्थानीय अधिकारियों ने उसे हिरासत में लिया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद 11 जून को उसे भारत भेजा गया, जहां मुंबई पहुंचने पर महाराष्ट्र पुलिस की साइबर सेल ने उसे अपनी हिरासत में ले लिया। CBI के अनुसार, रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के महज 20 दिनों के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर भारत लाना एक बड़ी उपलब्धि है।

वहीं दूसरे मामले में हरियाणा पुलिस के मोस्ट वांटेड गैंगस्टर वेंकट गर्ग को जॉर्जिया से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया है। वेंकट गर्ग पर हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, संगठित अपराध और अवैध हथियारों के इस्तेमाल सहित कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।

बताया गया कि गिरफ्तारी के बाद जमानत मिलने पर वह फरार हो गया था और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए विदेश भाग गया था। हरियाणा पुलिस के अनुरोध पर इंटरपोल के माध्यम से उसके खिलाफ रेड नोटिस जारी किया गया, जिसके बाद जॉर्जिया की पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

भारत सरकार की ओर से भेजे गए प्रत्यर्पण अनुरोध को जॉर्जिया की अदालतों और संबंधित अधिकारियों ने मंजूरी दे दी। इसके बाद हरियाणा पुलिस की विशेष टीम जॉर्जिया पहुंची और आरोपी को लेकर 11 जून को दिल्ली पहुंची।

CBI ने कहा कि दोनों मामलों में अंतरराष्ट्रीय सहयोग और एजेंसियों के समन्वय से फरार अपराधियों को कानून के दायरे में लाने में सफलता मिली है। अब दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित मामलों में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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