
बिहार की बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल गर्माता जा रहा है। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि चुनाव में जीविका दीदियों का राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने इस मामले में चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग की है।
बीजेपी पर लगाए गंभीर आरोप
प्रशांत किशोर ने कहा कि 2025 के विधानसभा चुनाव की तरह इस बार भी जीविका दीदियों का चुनावी प्रक्रिया में कथित रूप से दुरुपयोग किया जा रहा है। उनके अनुसार, ग्रामीण महिलाओं के स्व-सहायता समूहों को मतदाताओं को प्रभावित करने और बीजेपी के पक्ष में माहौल बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। ये आरोप प्रशांत किशोर के हैं।
पटना डीएम की पोस्ट का किया जिक्र
प्रशांत किशोर ने पटना जिला प्रशासन के सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा की गई मतदाता जागरूकता अभियान की एक तस्वीर का हवाला देते हुए दावा किया कि उसमें जीविका दीदियों के साथ बीजेपी का झंडा दिखाई दे रहा है। उन्होंने इसे चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए कहा कि यह सरकारी कार्यक्रम में राजनीतिक प्रतीकों के इस्तेमाल का मामला है।

चुनाव आयोग को दिया 24 घंटे का अल्टीमेटम
जन सुराज प्रमुख ने बताया कि उन्होंने चुनाव आयोग से औपचारिक शिकायत की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 24 घंटे के भीतर चुनावी प्रक्रिया से जीविका दीदियों को अलग नहीं किया गया, तो वह चुनाव आयोग के कार्यालय के बाहर धरने पर बैठेंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी संभावित हार की आशंका के कारण ऐसे कदम उठा रही है।
सरकारी कार्यक्रम में राजनीतिक प्रतीकों पर उठाए सवाल
प्रशांत किशोर ने सवाल किया कि किसी सरकारी कार्यक्रम में राजनीतिक दल का झंडा कैसे दिखाई दे सकता है। उन्होंने इसे सत्ता के दुरुपयोग का मामला बताते हुए निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग की।
बीजेपी की प्रतिक्रिया का इंतजार
समाचार लिखे जाने तक बीजेपी की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर सभी प्रमुख राजनीतिक दल चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं और इस सीट को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले अहम राजनीतिक मुकाबला माना जा रहा है।
बांकीपुर उपचुनाव से पहले जीविका दीदियों के कथित दुरुपयोग को लेकर नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। प्रशांत किशोर ने चुनाव आयोग से कार्रवाई की मांग करते हुए धरने की चेतावनी दी है। वहीं, आरोपों पर बीजेपी की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
