
पश्चिम बंगाल की राजनीति में जारी उथल-पुथल के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कथित बागी सांसदों को लेकर जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने बड़ा बयान दिया है। जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता Rajiv Ranjan Prasad ने दावा किया है कि टीएमसी के भीतर बढ़ती असंतुष्टि इस बात का संकेत है कि पार्टी का राजनीतिक भविष्य संकट में है।
मीडिया से बातचीत के दौरान राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि जिस तरह बड़ी संख्या में नेताओं और जनप्रतिनिधियों के पार्टी छोड़ने या असंतोष जताने की खबरें सामने आ रही हैं, उससे स्पष्ट है कि टीएमसी की स्थिति पहले जैसी मजबूत नहीं रह गई है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद पार्टी के भीतर लगातार असहमति और बगावत की घटनाएं सामने आई हैं।
जेडीयू नेता ने कहा कि पहले कई विधायकों ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ आवाज उठाई थी और अब सांसदों के स्तर पर भी असंतोष की चर्चा हो रही है। उनके मुताबिक, यदि बड़ी संख्या में सांसद पार्टी से दूरी बनाने की कोशिश कर रहे हैं, तो यह टीएमसी के भविष्य के लिए गंभीर संकेत है।
हालांकि टीएमसी की ओर से इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और पार्टी लगातार इस तरह की अटकलों को खारिज करती रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का भी मानना है कि बगावत और दल-बदल से जुड़ी खबरों की वास्तविक स्थिति आने वाले दिनों में ही स्पष्ट हो पाएगी।
इस दौरान जेडीयू प्रवक्ता ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के कार्यकाल को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge की टिप्पणी का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का कार्यकाल देश के लोकतांत्रिक इतिहास में महत्वपूर्ण रहा है और जनता ने लगातार चुनावों में उनके नेतृत्व पर भरोसा जताया है।
राजीव रंजन ने कहा कि प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी को मिले जनादेश और उनकी लोकप्रियता इस बात का प्रमाण है कि देश की जनता ने उनके नेतृत्व को स्वीकार किया है। उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार के कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले और विकासात्मक पहलें की गई हैं।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में हाल के दिनों में टीएमसी को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। इनमें पार्टी के भीतर असंतोष, संभावित दल-बदल और विपक्षी दलों के साथ नए राजनीतिक समीकरणों की चर्चाएं शामिल हैं। हालांकि इन तमाम दावों पर अंतिम तस्वीर आने वाले राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद ही साफ हो सकेगी।
