राज्यराजनीति

भागलपुर में सड़क पर धान रोपकर ग्रामीणों का अनोखा प्रदर्शन, बोले- अब सड़क नहीं तो आंदोलन होगा

जिस सड़क पर रोजाना गाड़ियां और राहगीर गुजरते हैं, वहां अगर धान की रोपाई होने लगे तो समझिए समस्या कितनी गंभीर है। भागलपुर के पीरपैंती में ग्रामीणों ने जर्जर सड़क को ही खेत बना दिया और प्रशासन के खिलाफ अनोखे अंदाज में अपना विरोध दर्ज कराया।

दो साल से बदहाल है मुख्य सड़क

भागलपुर के पीरपैंती प्रखंड की कीर्तनिया पंचायत में कीर्तनियांपकड़िया मुख्य मार्ग लंबे समय से बदहाली का शिकार है। यह सड़क सीधे एनएच-80 से जुड़ती है, लेकिन जगह-जगह बड़े गड्ढे और जलजमाव के कारण लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि पिछले करीब दो वर्षों से सड़क की हालत लगातार खराब होती गई, लेकिन मरम्मत के नाम पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

सड़क पर बना दिया धान का खेत

बारिश के बाद सड़क पर जमा पानी और कीचड़ से परेशान ग्रामीणों ने इस बार अलग तरीके से विरोध किया। उन्होंने सड़क के गड्ढों और जलजमाव वाले हिस्से में धान की रोपाई कर दी।

भागलपुर में सड़क पर धान रोपकर ग्रामीणों का अनोखा प्रदर्शन, बोले- अब सड़क नहीं तो आंदोलन होगा

ग्रामीणों ने खाद भी डाली और इस प्रदर्शन के जरिए प्रशासन को यह संदेश देने की कोशिश की कि अगर सड़क की मरम्मत नहीं हो रही, तो यह जगह खेत से अलग नहीं रह गई है।

स्कूली बच्चों से मरीजों तक परेशानी

स्थानीय लोगों के मुताबिक, बदहाल सड़क का सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों पर पड़ रहा है। बारिश के दिनों में स्थिति और खराब हो जाती है। कई जगह पानी भर जाने के कारण वाहन निकालना भी मुश्किल हो जाता है।

समाजसेवी बमबम सिंह ने बताया कि सड़क निर्माण और मरम्मत के लिए विभाग तथा प्रशासन को कई बार आवेदन दिए गए। ग्रामीणों को हर बार आश्वासन मिला, लेकिन जमीन पर काम शुरू नहीं हुआ।

ग्रामीणों ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी

प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। सुलोचना देवी, प्रमिला देवी, जिछी देवी, चिंता देवी समेत कई महिलाओं और युवाओं ने सड़क पर उतरकर अपनी नाराजगी जताई।

ग्रामीणों का कहना है कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। यदि जल्द सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ, तो मौजूदा विरोध को और व्यापक किया जाएगा।

प्रशासन के सामने सड़क निर्माण की चुनौती

ग्रामीणों का यह अनोखा प्रदर्शन सिर्फ नाराजगी नहीं, बल्कि लंबे समय से चली आ रही समस्या की तस्वीर भी दिखाता है। सड़क की स्थिति सुधरने से आसपास के गांवों के लोगों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिल सकती है।

अब निगाह प्रशासन पर है कि वह ग्रामीणों की मांग पर कितनी जल्दी कार्रवाई करता है। अगर सड़क पर धान की रोपाई ने जिम्मेदारों का ध्यान खींच लिया, तो उम्मीद यही होगी कि अगली बार इसी सड़क पर धान नहीं, बल्कि वाहन दौड़ते नजर आएं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button