
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। प्रयागराज में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने राम मंदिर, पेपर लीक, 69 हजार शिक्षक भर्ती और आरक्षण जैसे कई मुद्दों पर सरकार को घेरा। साथ ही उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी लगातार इस मामले को उठाती रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
राम मंदिर विवाद पर सरकार को घेरा
प्रयागराज में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि रामनगरी में कथित अनियमितताओं की जानकारी समाजवादी पार्टी पहले ही सार्वजनिक कर चुकी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि आस्था और श्रद्धा से जुड़े विषयों पर किसी भी प्रकार की गड़बड़ी स्वीकार नहीं की जा सकती।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी भगवान श्रीराम के प्रति आस्था रखती है और समय आने पर वह भी रामलला के दर्शन करने अयोध्या जाएंगे।
‘नेशन नहीं, डोनेशन फर्स्ट’ का आरोप
अखिलेश यादव ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के लिए “नेशन फर्स्ट नहीं, डोनेशन फर्स्ट” की राजनीति महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने दावा किया कि श्रद्धालुओं की भावनाओं के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ नहीं होना चाहिए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह बनाया जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार के पास इन सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं है।
पेपर लीक और शिक्षक भर्ती का मुद्दा भी उठाया
प्रेस वार्ता के दौरान अखिलेश यादव ने पेपर लीक को युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय बताया। उन्होंने कहा कि यदि छात्रों और युवाओं की समस्याओं पर चर्चा नहीं होगी तो विकास की बात अधूरी रहेगी।
इसके साथ ही उन्होंने 69 हजार शिक्षक भर्ती का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि आरक्षण के प्रावधानों का सही तरीके से पालन नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग को उनका निर्धारित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।
सनातन धर्म के नाम पर राजनीति नहीं होनी चाहिए
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी सनातन धर्म का सम्मान करती है और चाहती है कि उसकी गरिमा बनी रहे। हालांकि उन्होंने आरोप लगाया कि धर्म की आड़ में किसी भी तरह की कथित अनियमितता या गलत कार्य नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आस्था से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद आवश्यक है।
चुनावी माहौल में तेज हुई सियासत
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले राम मंदिर, पेपर लीक और आरक्षण जैसे मुद्दों पर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। विपक्ष सरकार को इन मुद्दों पर घेर रहा है, जबकि सत्तापक्ष अपने स्तर पर जवाब दे रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में ये मुद्दे प्रदेश की राजनीति में और अधिक प्रमुखता से उभर सकते हैं।
