
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को अपने पैतृक गांव पंचूर पहुंचे जहां उन्होंने शिव मंदिर में दर्शन-पूजन किया और श्री विष्णु महायज्ञ में भाग लिया। उन्होंने कहा कि जीवन में प्रगति के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण अत्यंत आवश्यक है। इस अवसर पर उन्होंने केंद्र और प्रदेश में एक ही विचारधारा की सरकार होने से हुए विकास कार्यों का उल्लेख किया और अयोध्या में भगवान राम मंदिर निर्माण को इसका उदाहरण बताया।
आध्यात्मिकता को बताया सफलता और ऊर्जा का स्रोत
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए ईश्वर भक्ति और आध्यात्मिकता सबसे प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने यमकेश्वर स्थित हेलीपैड पर उतरकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ प्राचीन शिव मंदिर में पूजा-अर्चना की और देश तथा प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद वे अपने गांव पंचूर पहुंचे जहां उन्होंने श्री हरि विष्णु पंचदेव मंदिर में मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में भाग लिया और ग्रामीणों से संवाद किया।

विकास कार्यों का शिलान्यास और डिजिटल पहल का उद्घाटन
महायोगी गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय बिथ्याणी में दोनों मुख्यमंत्रियों ने विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस दौरान नई एआई आधारित वेबसाइट का उद्घाटन भी किया गया। मुख्यमंत्री योगी ने एआई सिस्टम से संवाद कर महाविद्यालय की परीक्षा प्रणाली और परिणामों की समीक्षा की। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में तकनीक के उपयोग को भविष्य की जरूरत बताते हुए इसे सकारात्मक कदम बताया।
गांव में उत्साह और धार्मिक कार्यक्रम का समापन
पंचूर में श्री विष्णु महायज्ञ और मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का आयोजन 4 मई से चल रहा था जिसका समापन शुक्रवार को होगा। मुख्यमंत्री योगी शनिवार को वापस लौटेंगे। गांव में उनके आगमन से ग्रामीणों में उत्साह देखा गया और उन्होंने रात्रि विश्राम अपने पैतृक घर में किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब समाज एक दिशा में साथ चलता है तो परिणाम सकारात्मक और दूरगामी होते हैं। उन्होंने उत्तराखंड सरकार के विकास कार्यों की भी सराहना की।
