
पश्चिम बंगाल चुनाव में ममता बनर्जी की पार्टी की हार के बाद सियासी माहौल और अधिक गर्म हो गया है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा दिए गए बयानों पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर और अनिल राजभर ने तीखा पलटवार किया है। दोनों नेताओं ने कहा कि विपक्ष की ओर से ईवीएम और चुनाव आयोग पर सवाल उठाना एक पुरानी आदत बन चुकी है, जिसे अब जनता गंभीरता से नहीं लेती।
‘हार से पहले ही बहाने तैयार कर रहा विपक्ष’
मंत्रियों ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव अभी से 2027 के विधानसभा चुनाव में संभावित हार का ठीकरा ईवीएम पर फोड़ने की तैयारी कर रहे हैं। अनिल राजभर ने कहा कि बंगाल के चुनाव परिणामों ने इंडी गठबंधन को पूरी तरह बौखला दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष बिना किसी ठोस आधार के चुनाव आयोग और मतदान प्रक्रिया पर सवाल उठाकर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है।

अखिलेश पर पुरानी घटनाओं की याद दिलाते हुए हमला
अनिल राजभर ने सपा सरकार के कार्यकाल को याद दिलाते हुए कहा कि जब उनकी सरकार सत्ता में थी, तब वोटर लिस्ट में गड़बड़ी और बूथ कैप्चरिंग जैसी घटनाएं आम थीं। उन्होंने कहा कि आज वही लोग पारदर्शिता पर सवाल उठा रहे हैं, जो खुद अपने शासनकाल में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर चुके हैं। उनके अनुसार विपक्ष की यह बौखलाहट आने वाले समय में और बढ़ने वाली हार का संकेत है।
ओम प्रकाश राजभर का तीखा सोशल मीडिया वार
ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अखिलेश यादव पर सीधा हमला करते हुए कहा कि “अब जनता सिंहासन पर बैठी है और शहजादों को यह समझ लेना चाहिए।” उन्होंने तंज कसते हुए लिखा कि अखिलेश यादव गर्मी और मेहनत से बचने के लिए ट्वीट की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ममता बनर्जी से सहानुभूति दिखाने का यह प्रयास केवल राजनीतिक लाभ लेने की रणनीति है, ताकि भविष्य में ईवीएम पर हार का ठीकरा फोड़ा जा सके।
