
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना के दौरान एक बड़ा विवाद सामने आया, जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्रीय सुरक्षा बलों पर गंभीर आरोप लगाए। सखावत मेमोरियल काउंटिंग हॉल के बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने दावा किया कि उन्हें पीटा गया और यह हमला केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल यानी CAPF के जवानों द्वारा किया गया। उनका यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई। इस घटना ने चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
अखिलेश यादव का तीखा हमला, बताया ‘काला दिन’
ममता बनर्जी के आरोपों के बाद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस घटना को देश के राजनीतिक इतिहास का ‘घनघोर काला दिन’ बताया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वीडियो साझा करते हुए उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के नाम पर जो कुछ हो रहा है, वह बेहद चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में केंद्रीय बलों का दुरुपयोग किया जा रहा है और यह लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने अपने बयान में यह भी कहा कि देशभर में इस तरह की घटनाएं लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर कर रही हैं और जनता के जनादेश का सम्मान नहीं किया जा रहा।

AAP सांसद संजय सिंह ने भी उठाए सवाल
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी इस मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरते हुए तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर स्थिति है कि एक मौजूदा मुख्यमंत्री के साथ इस तरह का व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव हारने के बाद हिंसा और दबाव का माहौल बनाया जा रहा है, जो लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है। संजय सिंह ने कहा कि अब समय आ गया है कि पूरे देश में इसके खिलाफ आवाज उठाई जाए और लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा के लिए संघर्ष तेज किया जाए। उनके इस बयान ने राजनीतिक माहौल को और अधिक गरमा दिया है।
चुनाव नतीजों में ममता को झटका, सुभेंदु अधिकारी की जीत
इसी बीच चुनावी नतीजों ने भी बड़ा उलटफेर दिखाया है। भवानीपुर सीट से ममता बनर्जी को हार का सामना करना पड़ा, जहां भाजपा के सुभेंदु अधिकारी ने उन्हें 15105 वोटों के अंतर से पराजित किया। अधिकारी को कुल 73917 वोट मिले, जबकि ममता बनर्जी को 58812 वोट प्राप्त हुए। इसके अलावा सुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट से भी जीत हासिल की, जहां उन्होंने टीएमसी उम्मीदवार को 9665 वोटों से हराया। यह नतीजे बंगाल की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत दे रहे हैं और आगामी दिनों में राज्य की सियासत और अधिक तेज होने की संभावना है।
