
भाजपा की गोरखपुर महानगर कार्यकारिणी में बड़े फेरबदल के बाद अब क्षेत्रीय टीम को लेकर भी हलचल तेज हो गई है। पिछली महानगर टीम के 81 प्रतिशत पदाधिकारियों को नई सूची में जगह नहीं मिली। ऐसे में क्षेत्रीय टीम के पुराने चेहरों की नजर अब पार्टी नेतृत्व के अगले फैसले पर टिकी है।
महानगर टीम के बाद क्षेत्रीय टीम पर नजर
भाजपा ने गोरखपुर महानगर की नई कार्यकारिणी घोषित कर दी है। नई टीम में बड़े स्तर पर बदलाव देखने को मिला। अब पार्टी नेताओं की निगाह गोरखपुर क्षेत्रीय टीम की घोषणा पर है।
क्षेत्रीय अध्यक्ष की घोषणा के बाद से नई टीम के गठन की प्रक्रिया चल रही है। भाजपा राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर पर अपनी टीम घोषित कर चुकी है। ऐसे में गोरखपुर क्षेत्र की नई टीम का ऐलान जल्द होने की चर्चा है।
2020 के बाद नहीं बदली क्षेत्रीय टीम
गोरखपुर क्षेत्र की मौजूदा टीम का गठन वर्ष 2020 में डॉ. धर्मेंद्र सिंह के क्षेत्रीय अध्यक्ष रहते हुआ था। इसके बाद सहजानंद राय को क्षेत्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली, लेकिन उनके कार्यकाल में नई टीम का गठन नहीं हो सका।

अब विनोद राय को क्षेत्रीय अध्यक्ष बनाए जाने के बाद टीम में बदलाव की उम्मीद बढ़ गई है। आगामी चुनावों को देखते हुए संगठनात्मक फेरबदल को अहम माना जा रहा है।
महानगर की सूची ने बढ़ाई चिंता
महानगर की नई टीम में अध्यक्ष के नीचे 21 पदाधिकारियों में केवल चार पुराने चेहरों को दोबारा जगह मिली है। इनमें एक महामंत्री, एक उपाध्यक्ष और दो मंत्री शामिल हैं।
यानी करीब 81 प्रतिशत पुराने पदाधिकारी इस बार बाहर हो गए। इसी वजह से क्षेत्रीय टीम के मौजूदा पदाधिकारियों में भी बदलाव को लेकर बेचैनी बढ़ना स्वाभाविक माना जा रहा है।
दो बड़े पद पहले से खाली
क्षेत्रीय संगठन में दो महत्वपूर्ण पद पहले ही खाली माने जा रहे हैं। क्षेत्रीय महामंत्री रहे सहजानंद राय अब प्रदेश मंत्री हैं। वहीं दूसरे क्षेत्रीय महामंत्री प्रदीप शुक्ल वर्ष 2022 में विधायक बन चुके हैं और 2027 के लिए भी दावेदार माने जा रहे हैं।
ऐसे में नई टीम के गठन में इन पदों को भरना पार्टी के लिए महत्वपूर्ण होगा।
लखनऊ की दौड़ में बढ़ी सक्रियता
नई टीम में जगह बनाने के लिए नेताओं की सक्रियता बढ़ गई है। कई पदाधिकारी लगातार लखनऊ पहुंचकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि क्षेत्रीय अध्यक्ष की ओर से संभावित पदाधिकारियों के नाम प्रदेश मुख्यालय भेजे जा चुके हैं।
पूर्व महानगर अध्यक्ष राजेश गुप्ता, राहुल श्रीवास्तव और पूर्व जिलाध्यक्ष युधिष्ठिर सिंह जैसे नाम महत्वपूर्ण पदों के दावेदारों में चर्चा में हैं।
पुराने दावेदारों की भी नजर
महानगर की नई टीम में जगह नहीं पाने वाले कई पुराने पदाधिकारी अब क्षेत्रीय संगठन में अवसर तलाश रहे हैं। महामंत्री और उपाध्यक्ष जैसे पदों पर काम कर चुके नेताओं की भी सक्रियता बढ़ी है।
अब असली सवाल यही है कि भाजपा क्षेत्रीय टीम में अनुभव को प्राथमिकता देती है या महानगर की तरह बड़े पैमाने पर नए चेहरों को मौका देती है। आने वाली सूची सिर्फ पदाधिकारियों के नाम नहीं बताएगी, बल्कि गोरखपुर में भाजपा के संगठन की अगली दिशा का भी संकेत देगी।
