
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने राज्य के युवाओं के लिए एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि इस साल उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग यानी Uttar Pradesh Public Service Commission के माध्यम से 15000 खाली पदों पर भर्ती की जाएगी। इस घोषणा के बाद राज्य में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों में खुशी और उत्साह की लहर दौड़ गई है। सरकार का यह कदम रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।
योगी सरकार का रोजगार पर बड़ा फोकस
Yogi Adityanath ने अपने बयान में कहा कि पिछले नौ वर्षों में उनकी सरकार ने 9 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की है। उन्होंने दावा किया कि यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार का मुख्य उद्देश्य युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना है और इसी दिशा में लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। 15000 पदों पर होने वाली यह भर्ती भी उसी नीति का हिस्सा है।

पारदर्शी और समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया पर जोर
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह पूरी भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी ताकि किसी भी अभ्यर्थी को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि Uttar Pradesh Public Service Commission को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि चयन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो। सरकार चाहती है कि योग्य उम्मीदवारों को बिना किसी बाधा के अवसर मिले और चयन प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष रहे।
भर्ती में धांधली पर सख्त कानून और विपक्ष पर निशाना
Yogi Adityanath ने यह भी कहा कि भर्ती प्रक्रिया में धांधली रोकने के लिए सख्त कानून बनाया गया है जिसमें दोषियों के लिए उम्रकैद और संपत्ति जब्ती जैसे प्रावधान शामिल हैं। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले की व्यवस्थाओं में भ्रष्टाचार और भेदभाव के कारण राज्य की छवि खराब हुई थी। उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश को पारदर्शी और रोजगार देने वाले राज्य के रूप में स्थापित किया जा रहा है और आने वाले समय में यह प्रक्रिया और तेज होगी।
