
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक में तीन नए सदस्यों की नियुक्ति और पहले पूर्णकालिक CEO के नाम पर मुहर लगने की जानकारी सामने आई है। इसी बीच बिहार कांग्रेस ने राम मंदिर के चंदे और कथित अनियमितताओं को लेकर बीजेपी पर निशाना साधते हुए जवाबदेही और पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं।
राम मंदिर ट्रस्ट में तीन नए सदस्यों की नियुक्ति
अयोध्या में बुधवार, 2 सितंबर 2026 को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक हुई। बैठक में मदन मोहन पांडेय, महेश भागचंदका और निर्मला यादव को ट्रस्ट का नया सदस्य नियुक्त किए जाने की जानकारी सामने आई है।
बताया जा रहा है कि ट्रस्ट में तीन पद लंबे समय से रिक्त थे। अब इन नियुक्तियों के बाद ट्रस्ट में खाली पदों को भरने की प्रक्रिया पूरी हो गई है।
चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद खाली थे पद
चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद दो पद रिक्त हुए थे। वहीं ट्रस्ट सदस्य और राजा अयोध्या विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के निधन के बाद एक अन्य पद भी खाली हो गया था।
अब इन तीनों रिक्त पदों पर नए सदस्यों की नियुक्ति की गई है।

एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा होंगे पहले पूर्णकालिक CEO
बैठक में ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के नाम पर भी फैसला होने की जानकारी है। सूत्रों के मुताबिक, रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के नाम पर मुहर लग गई है।
जितेंद्र मिश्रा ने भारतीय वायुसेना में करीब 38 वर्षों तक सेवा दी है। वह वेस्टर्न एयर कमांड के प्रमुख जैसे महत्वपूर्ण पद पर भी रह चुके हैं। इससे पहले CEO पद के लिए पूर्व IAS अधिकारी दिनेश चंद्रा और योगेश्वर मिश्रा के नाम चर्चा में बताए जा रहे थे।
प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत करने की कोशिश
CEO की नियुक्ति को ट्रस्ट के प्रशासनिक कामकाज को अधिक व्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। ट्रस्ट में नए सदस्यों की नियुक्ति के साथ प्रशासनिक जिम्मेदारियों और वित्तीय प्रबंधन को लेकर भी नई व्यवस्था तैयार किए जाने की संभावना है।
चंदे से जुड़े विवादों और पदाधिकारियों के इस्तीफों के बाद ट्रस्ट के कामकाज में पारदर्शिता को लेकर चर्चा पहले से तेज रही है।
बिहार कांग्रेस ने बीजेपी पर साधा निशाना
इसी बीच बिहार कांग्रेस के प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने ट्रस्ट में हुए बदलावों के बीच बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने राम मंदिर के चंदे और कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए सवाल किया कि राम मंदिर के चंदे में कथित गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी।
कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि राम नाम पर लोगों से मिले चंदे और आस्था से जुड़े मामलों में सवाल उठने के बावजूद संबंधित लोगों को बचाया जा रहा है। हालांकि, ये कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोप हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि इस जानकारी से नहीं होती है।
पारदर्शिता और वित्तीय प्रबंधन पर नजर
ट्रस्ट में तीन नए सदस्यों की नियुक्ति और पहले पूर्णकालिक CEO के चयन को प्रशासनिक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। अब नई टीम के सामने मंदिर ट्रस्ट के कामकाज, वित्तीय प्रबंधन और प्रशासनिक समन्वय को मजबूत करने की चुनौती होगी।
राम मंदिर से जुड़ी आस्था के साथ अब ट्रस्ट के प्रशासन और वित्तीय पारदर्शिता पर भी लोगों की नजर है। ऐसे में नए सदस्यों और CEO के आने के बाद ट्रस्ट किस तरह व्यवस्था को आगे बढ़ाता है, यह आने वाले समय में अहम रहेगा।
