RSS मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन, उदित राज हिरासत में; मनुस्मृति की प्रतियां जलाने से गरमाई सियासत

दिल्ली में RSS मुख्यालय के बाहर अचानक हुए प्रदर्शन ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया। कांग्रेस नेता उदित राज को पुलिस ने हिरासत में लिया, जबकि प्रदर्शनकारियों ने संविधान बनाम मनुस्मृति का मुद्दा उठाते हुए नारेबाजी की और प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया।
RSS कार्यालय के बाहर अचानक जुटे प्रदर्शनकारी
मंगलवार को दिल्ली के केशव कुंज स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुख्यालय के बाहर अचानक प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और डोमा परिसंघ से जुड़े लोगों ने संयुक्त रूप से विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों के अचानक पहुंचने से मौके पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं।
उदित राज को पुलिस ने लिया हिरासत में
प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस नेता और ऑल इंडिया अनऑर्गनाइज़्ड वर्कर्स एंड एम्प्लॉईज़ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. उदित राज को हिरासत में लिया।
पुलिस की कार्रवाई के बाद प्रदर्शन स्थल पर मौजूद अन्य लोगों को भी नियंत्रित किया गया। पूरे घटनाक्रम के दौरान सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर नजर रखती रहीं।

मनुस्मृति और RSS यूनिफॉर्म का प्रतीकात्मक विरोध
प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए मनुस्मृति की प्रतियों और RSS की प्रतीकात्मक यूनिफॉर्म को जलाया। इस दौरान उनका मुख्य संदेश था कि देश का संचालन संविधान के अनुसार होना चाहिए।
प्रदर्शनकारियों को यह कहते हुए सुना गया कि “देश भारतीय संविधान से चलेगा, मनुस्मृति से नहीं।”
हल्द्वानी विवाद से जुड़ा प्रदर्शन
इस विरोध की तत्काल पृष्ठभूमि उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद हुए कथित ‘शुद्धिकरण’ कार्यक्रम को बताया जा रहा है।
कांग्रेस इस घटना को जातिगत भेदभाव से जोड़कर विरोध कर रही है। इसी मुद्दे पर पार्टी और बीजेपी के बीच पहले से ही राजनीतिक बयानबाजी जारी है।
जाति और दलित पहचान पर फिर सियासी बहस
RSS मुख्यालय के बाहर हुआ प्रदर्शन जाति और दलित पहचान से जुड़े विवाद को एक नए राजनीतिक मंच पर ले आया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि ऐसे प्रतीकात्मक कार्यक्रम सामाजिक बराबरी और संविधान की भावना पर सवाल खड़े करते हैं।
दूसरी ओर, इस पूरे विवाद को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप लगातार तेज हो रहे हैं।
आगे और बढ़ सकता है विवाद
उदित राज की हिरासत और RSS मुख्यालय के बाहर हुए प्रदर्शन के बाद मामला अब सिर्फ स्थानीय विरोध तक सीमित नहीं दिख रहा। हल्द्वानी से शुरू हुआ राजनीतिक विवाद दिल्ली तक पहुंच गया है।
संविधान, सामाजिक समानता और जातिगत पहचान को लेकर उठे ये सवाल आने वाले दिनों में सियासी बहस को और धार दे सकते हैं। अब निगाह इस बात पर है कि कांग्रेस इस प्रदर्शन के बाद अपनी अगली रणनीति क्या तय करती है।
