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MP में 1.21 लाख छात्रों को लैपटॉप के लिए ₹304 करोड़, CM मोहन ने सुने बच्चों के बड़े सपने

भोपाल में मेधावी विद्यार्थियों का दिन उस समय खास बन गया, जब मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंच से न सिर्फ उनके सपनों की कहानी सुनी, बल्कि उपलब्धि पर तालियां भी बजाईं। किसी ने डॉक्टर बनने का सपना बताया तो किसी ने आईएएस, वैज्ञानिक और उद्यमी बनने की इच्छा जताई।

1.21 लाख छात्रों के खातों में पहुंची राशि

भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार में ‘प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 12वीं में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए राशि ट्रांसफर की।

सरकार के मुताबिक, 1.21 लाख से अधिक विद्यार्थियों के खातों में 304 करोड़ रुपये से ज्यादा भेजे गए। प्रत्येक पात्र विद्यार्थी को 25 हजार रुपये मिले। मंच पर मुख्यमंत्री ने 10 विद्यार्थियों को लैपटॉप भी प्रदान किए।

किसी ने डॉक्टर तो किसी ने नेता बनने का सपना बताया

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया। वीरेंद्र सिंह बुंदेला ने कहा कि वह राजनेता बनना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि लोगों की परेशानियां देखकर उन्होंने राजनीति में आने का फैसला किया।

MP में 1.21 लाख छात्रों को लैपटॉप के लिए ₹304 करोड़, CM मोहन ने सुने बच्चों के बड़े सपने

हिमांशी पाठक ने एयर होस्टेस बनने के बाद उद्यमी बनने की इच्छा जताई। वहीं अरिमा इमरान ने डॉक्टर बनकर गरीबों की सेवा करने की बात कही। अभिषेक ने इसरो का वैज्ञानिक बनने का सपना बताया।

12वीं के साथ NEET-JEE भी किए क्लियर

कार्यक्रम में कुछ छात्रों की उपलब्धियों ने मुख्यमंत्री को खास तौर पर प्रभावित किया। तन्वी ने 12वीं के साथ ही NEET परीक्षा पास की और मेडिकल कॉलेज में प्रवेश की राह बनाई। ओम चौकसे ने 12वीं के साथ NEET और JEE Main समेत कई परीक्षाएं पास करने की जानकारी दी।

इन उपलब्धियों पर मुख्यमंत्री ने छात्रों की सराहना की और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया। बातचीत के दौरान बच्चों के जवाबों ने सभागार में कई बार तालियां और मुस्कान बिखेरी।

खेती से राजनीति तक, CM ने समझाया महत्व

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से पूछा कि कितने परिवार खेती-किसानी से जुड़े हैं और कौन किसान बनना चाहता है। उन्होंने कहा कि भारत की जड़ें खेती से जुड़ी हैं और देश की व्यवस्था में किसान की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

उन्होंने राजनीति को लेकर भी कहा कि अगर अच्छे लोग आगे नहीं आएंगे तो व्यवस्था को सही दिशा कौन देगा। उनके मुताबिक, अलग-अलग क्षेत्रों में युवाओं की भागीदारी जरूरी है।

सफलता के साथ असफलता से सीखने की सलाह

मोहन यादव ने विद्यार्थियों से कहा कि सफलता को खुद पर हावी नहीं होने देना चाहिए। जीवन में असफलता आए तो उसे दिल पर नहीं लेना चाहिए, बल्कि उससे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए।

उन्होंने विद्यार्थियों के लिए ज्ञान और कौशल को सफलता के दो महत्वपूर्ण आधार बताया। उनका कहना था कि अच्छे अंक महत्वपूर्ण हैं, लेकिन एक अच्छा इंसान केवल कागज पर मिले नंबरों से नहीं बनता।

शिक्षा पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार विद्यार्थियों को पाठ्य पुस्तक, ड्रेस, साइकिल, लैपटॉप और स्कूटी जैसी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मेडिकल शिक्षा का भी विस्तार हुआ है।

सरकार ने वर्ष 2028 तक प्रदेश में 55 मेडिकल कॉलेज और 10 हजार यूजी सीटों का लक्ष्य रखा है। वहीं स्कूल शिक्षा विभाग के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में लाखों विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए आर्थिक सहायता दी गई है।

सपनों को साधन मिलें, तभी उड़ान मजबूत होगी

एक लैपटॉप किसी विद्यार्थी के लिए सिर्फ तकनीकी उपकरण नहीं, बल्कि पढ़ाई, कौशल और अवसरों का नया दरवाजा हो सकता है। खासकर उन परिवारों के बच्चों के लिए, जिनके पास डिजिटल संसाधन सीमित हैं।

भोपाल का यह कार्यक्रम इसी उम्मीद की तस्वीर दिखाता है—सपने चाहे डॉक्टर बनने के हों, वैज्ञानिक बनने के या समाज बदलने के, उन्हें उड़ान देने के लिए प्रतिभा के साथ सही अवसर भी जरूरी हैं।

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