
1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े सज्जन कुमार की श्रद्धांजलि सभा में बीजेपी सांसदों की मौजूदगी को लेकर पंजाब में आम आदमी पार्टी ने विरोध प्रदर्शन किया। लुधियाना, जालंधर, अमृतसर और बठिंडा में AAP कार्यकर्ताओं ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए पीड़ित परिवारों की भावनाओं का सम्मान करने की मांग की।
चार शहरों में AAP का विरोध प्रदर्शन
पंजाब में आम आदमी पार्टी ने बुधवार को बीजेपी के खिलाफ कई जगह प्रदर्शन किया। AAP नेताओं ने बीजेपी सांसद रामवीर बिधूड़ी, योगेंद्र चंदोलिया और कमलजीत सेहरावत के सज्जन कुमार की याद में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शामिल होने का विरोध किया।
AAP नेताओं का कहना है कि 1984 का सिख विरोधी नरसंहार आज भी हजारों परिवारों के लिए ऐसा जख्म है, जिसे भुलाया नहीं जा सका है। पार्टी ने आरोप लगाया कि बीजेपी नेताओं की इस कार्यक्रम में मौजूदगी से सिख समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं।
अमृतसर में तरुण चुघ के घर के बाहर प्रदर्शन
अमृतसर में AAP कार्यकर्ताओं ने राज्यसभा सांसद तरुण चुघ के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने उनके घर तक पहुंचने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने पहले से ही भारी बैरिकेडिंग और सुरक्षा बलों की तैनाती कर रखी थी।

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी।
‘1984 का दर्द आज भी जिंदा’
AAP विधायक जीवन जोत कौर ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि 1984 का नरसंहार सिख परिवारों के लिए गहरा और कभी न भरने वाला घाव है। उन्होंने बीजेपी और कांग्रेस दोनों पर पंजाब तथा सिख समुदाय के हितों के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया।
जालंधर में AAP विधायक बलकार सिंह ने भी 1984 की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पीड़ित परिवार दशकों बाद भी दर्द झेल रहे हैं। उन्होंने बीजेपी नेताओं की श्रद्धांजलि सभा में मौजूदगी को लेकर सवाल उठाया।
अकाली दल को भी निशाने पर लिया
AAP नेताओं ने बीजेपी के साथ-साथ शिरोमणि अकाली दल पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 1984 के पीड़ित परिवारों के दर्द का इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
लुधियाना में विधायक दलजीत सिंह ग्रेवाल समेत AAP नेताओं, पार्षदों और पार्टी पदाधिकारियों ने बीजेपी सांसदों की मौजूदगी का विरोध किया।
ग्रेवाल ने कहा कि पंजाब के लोग 1984 के पीड़ित सिख परिवारों के दर्द को चोट पहुंचाने वाली किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने बीजेपी और कांग्रेस पर राजनीतिक रूप से एक-दूसरे के करीब होने का आरोप भी लगाया।
बठिंडा में लगे बीजेपी के खिलाफ नारे
बठिंडा में भी AAP कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर बीजेपी के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि बीजेपी के कुछ नेता 1984 के नरसंहार से जुड़े लोगों के प्रति नरम रुख रखते हैं।
AAP कार्यकर्ताओं ने मांग की कि बीजेपी सांसद रामवीर बिधूड़ी, योगेंद्र चंदोलिया और कमलजीत सेहरावत के खिलाफ कार्रवाई की जाए और सिख समुदाय की भावनाओं का सम्मान किया जाए।
1984 के मुद्दे पर फिर आमने-सामने राजनीतिक दल
पंजाब की राजनीति में 1984 का मुद्दा आज भी बेहद संवेदनशील माना जाता है। इसी वजह से सज्जन कुमार की श्रद्धांजलि सभा में बीजेपी सांसदों की मौजूदगी को लेकर AAP ने इसे राजनीतिक मुद्दा बना दिया है।
AAP ने कहा कि वह 1984 के पीड़ितों और उनके परिवारों के लिए न्याय की आवाज उठाती रहेगी। वहीं, इन प्रदर्शनों के बीच बीजेपी की ओर से इस मुद्दे पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
1984 के दंगों की पीड़ा से जुड़े सवालों ने एक बार फिर पंजाब की राजनीति को गर्म कर दिया है। अब नजर इस बात पर है कि बीजेपी इस विरोध और AAP के आरोपों पर क्या जवाब देती है।
