INDIA गठबंधन की बैठक में बड़े फैसले, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, CJI को लिखेंगे पत्र

नई दिल्ली में आयोजित INDIA गठबंधन की अहम बैठक में विपक्षी दलों ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर साझा रणनीति बनाने का फैसला किया। बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बताया कि गठबंधन की 25 सहयोगी पार्टियों ने पांच प्रमुख प्रस्तावों पर सहमति जताई है। साथ ही यह भी तय किया गया कि अब हर दो महीने में INDIA गठबंधन की नियमित बैठक होगी।
खरगे ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर गठबंधन भारत के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखेगा। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता अधिकारों को प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर न्यायिक हस्तक्षेप जरूरी है।
बैठक में दूसरा बड़ा फैसला शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर लिया गया। विपक्षी दलों ने NEET और अन्य परीक्षाओं में सामने आए विवादों को गंभीर बताते हुए कहा कि लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है और इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
इसके अलावा गठबंधन ने देश की आर्थिक स्थिति, बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई और किसानों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए केंद्र सरकार से तत्काल सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की। विपक्षी नेताओं का कहना है कि आर्थिक चुनौतियों पर व्यापक राजनीतिक सहमति और संवाद की आवश्यकता है।
बैठक में यह भी तय हुआ कि संसद के मानसून सत्र के दौरान सभी विपक्षी दल समन्वित रणनीति के साथ काम करेंगे। इसके लिए नियमित समन्वय बैठकें आयोजित की जाएंगी। गठबंधन की अगली बैठक 8 अगस्त को हैदराबाद में आयोजित करने का फैसला लिया गया है।
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि विपक्षी दलों को लोकतांत्रिक संस्थाओं, संविधान, सामाजिक न्याय और जनहित के मुद्दों पर एकजुट होकर संघर्ष करना होगा। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष आने वाले समय में इन मुद्दों को लेकर संसद से लेकर सड़क तक संयुक्त अभियान चलाएगा।
बैठक में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल, झारखंड मुक्ति मोर्चा, शिवसेना (यूबीटी), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट), वाम दलों समेत 25 राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कई वरिष्ठ नेता वर्चुअल माध्यम से भी बैठक में शामिल हुए।
