
पंजाब सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ‘मां-बेटी सम्मान योजना’ की शुरुआत कर दी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने संगरूर जिले के धुरी से इस योजना का शुभारंभ किया। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, बलजीत कौर, आम आदमी पार्टी के पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया समेत कई नेता मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना राज्य की माताओं और बेटियों को समर्पित है, इसलिए इसका नाम ‘मां-बेटी सम्मान योजना’ रखा गया है।
40 लाख से अधिक महिलाओं ने कराया पंजीकरण
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि इस योजना के लिए अब तक 40 लाख से अधिक महिलाएं पंजीकरण करा चुकी हैं। उन्होंने भरोसा
दिलाया कि सरकार इस योजना को लंबे समय तक जारी रखेगी। उनके अनुसार, योजना शुरू करते समय सरकार को पूरा विश्वास था कि इसके लिए धन की कभी कमी नहीं होगी और यह योजना बंद नहीं की जाएगी।
सामान्य वर्ग को ₹1000, एससी महिलाओं को ₹1500 प्रतिमाह
योजना के तहत सामान्य वर्ग की पात्र महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये और अनुसूचित जाति (SC) की महिलाओं को 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे बैंक खातों में भेजी जाएगी। पहली किस्त के रूप में तीन महीनों की संचित राशि एक साथ लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि भले ही कुछ लोग इस राशि को कम आंकें, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह महत्वपूर्ण सहायता साबित होगी।
जनता का पैसा जनता के हित में खर्च करने का दावा
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सोच हमेशा से रही है कि सरकारी धन का उपयोग सीधे जनता के कल्याण के लिए हो। उन्होंने कहा कि मुफ्त बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अब महिलाओं को आर्थिक सहायता जैसी योजनाएं इसी सोच का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि जब राज्य की माताएं, बहनें और बेटियां खुश होंगी, तभी समाज और प्रदेश का समग्र विकास संभव होगा।
