दिल्ली के कारोबारियों की बड़ी मांगें, 100 नई पार्किंग का ऐलान; अतिक्रमण से लेकर सिंगल विंडो सिस्टम तक उठे मुद्दे

दिल्ली के प्रमुख बाजारों और औद्योगिक क्षेत्रों में कारोबार करना आसान बनाने की मांग अब जोर पकड़ रही है। व्यापारियों ने पार्किंग, अतिक्रमण और बुनियादी सुविधाओं के साथ ऐसी नीतियों की जरूरत बताई, जिनसे कारोबारियों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर कम लगाने पड़ें और व्यापार को नई गति मिल सके।
व्यापारी सम्मेलन में 400 से ज्यादा प्रतिनिधि जुटे
शुक्रवार, 7 अगस्त को चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के व्यापारी सम्मेलन में दिल्ली के बाजारों और औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े 400 से अधिक व्यापारी एवं संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। सम्मेलन में रोजमर्रा की समस्याओं से लेकर व्यापार और उद्योग की नीतिगत चुनौतियों तक पर चर्चा हुई।
कश्मीरी गेट, चांदनी चौक, सदर बाजार, कमला नगर, लाजपत नगर, करोल बाग, चावड़ी बाजार, कनॉट प्लेस और पहाड़गंज जैसे प्रमुख बाजारों की समस्याएं सामने रखी गईं।
100 जगहों पर नई पार्किंग का ऐलान
सम्मेलन में सबसे बड़ा मुद्दा पार्किंग का रहा। मेयर प्रवेश वाही ने व्यापारियों को आश्वासन दिया कि दिल्ली में जल्द ही 100 नए स्थानों पर पार्किंग विकसित की जाएंगी। उन्होंने पार्किंग की समस्या के साथ कथित पार्किंग माफिया के खिलाफ कार्रवाई की बात भी कही।
व्यापारियों का कहना है कि पार्किंग की कमी का असर सीधे ग्राहकों की आवाजाही और बाजारों के कारोबार पर पड़ता है।

अतिक्रमण और बुनियादी सुविधाओं की परेशानी
फुटपाथों पर अतिक्रमण और अवैध रेहड़ी-पटरी को लेकर भी व्यापारियों ने चिंता जताई। उनका कहना है कि इससे बाजारों में पैदल चलना और वाहनों की आवाजाही दोनों मुश्किल हो जाते हैं।
इसके अलावा सीवर, सफाई और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाओं को बेहतर बनाने की मांग भी उठी। व्यापारियों के मुताबिक बाजार की चमक सिर्फ दुकानों से नहीं, बल्कि बेहतर बुनियादी ढांचे से भी बनती है।
ट्रेड एंड इंडस्ट्री डिवेलपमेंट बोर्ड की मांग
CTI ने दिल्ली में ट्रेड एंड इंडस्ट्री डिवेलपमेंट बोर्ड बनाने की मांग रखी। संगठन के अनुसार, इससे सरकार और व्यापारिक संगठनों के बीच नियमित संवाद का संस्थागत मंच तैयार हो सकता है।
CTI चेयरमैन बृजेश गोयल और महासचिव गुरमीत अरोड़ा ने व्यापार से जुड़े मुद्दों पर बेहतर समन्वय की जरूरत बताई। व्यापारियों ने दिल्ली के मास्टर प्लान को जल्द अधिसूचित करने की मांग भी की।
उद्योगों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम की मांग
औद्योगिक क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने नई फैक्ट्री शुरू करने की प्रक्रिया सरल बनाने की मांग की। उनका कहना था कि अलग-अलग विभागों से मंजूरी लेने के लिए कारोबारियों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
इसके समाधान के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू करने का सुझाव दिया गया, ताकि जरूरी अनुमतियां एक ही व्यवस्था के जरिए आसानी से मिल सकें।
कारोबारियों को मिला सम्मान
सम्मेलन में व्यापार और उद्योग जगत में योगदान देने वाले कई प्रतिनिधियों को बिजनेस एक्सिलेंस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मेयर प्रवेश वाही, दिल्ली क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष रोहन जेटली, बिजनेस एक्सपर्ट भारती तनेजा और जय मदान समेत कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।
अब व्यापारियों की नजर इस बात पर है कि सम्मेलन में उठाई गई मांगें जमीन पर कितनी तेजी से लागू होती हैं। क्योंकि दिल्ली के बाजारों को सिर्फ घोषणाओं की नहीं, ऐसी व्यवस्थाओं की जरूरत है जो कारोबारियों और ग्राहकों दोनों के लिए शहर को ज्यादा सुविधाजनक बनाएं।
