
बिहार की राजनीति का लंबे समय तक केंद्र रहा 10, सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास अब इतिहास बनने जा रहा है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने यह बंगला खाली करना शुरू कर दिया है। परिवार का सामान अब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के 1, पोलो रोड स्थित सरकारी आवास और उनके निजी आवास पर शिफ्ट किया जा रहा है। यह बदलाव केवल एक आवास परिवर्तन नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।
सरकार के नोटिस के बाद खाली हुआ सरकारी आवास
भवन निर्माण विभाग ने 22 जून को राबड़ी देवी को 10, सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने का अंतिम नोटिस जारी किया था। सात दिनों की समयसीमा पूरी होने के बाद परिवार ने बंगला खाली करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। जानकारी के अनुसार, यह आवास अब बिहार सरकार के मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित किया जा चुका है।
सुरक्षा में कटौती के बाद बढ़ा विवाद
आवास खाली करने से पहले बिहार सरकार ने राज्य सुरक्षा समिति की सिफारिश पर लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेज प्रताप यादव की सुरक्षा श्रेणी में भी बदलाव किया था। इसके विरोध में लालू परिवार ने सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई शेष सुरक्षा भी वापस लौटा दी। इस मुद्दे पर लालू प्रसाद यादव ने आरोप लगाया था कि उनकी सुरक्षा हटाने के पीछे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की भूमिका है।

अब कहां रहेगा लालू परिवार?
राबड़ी देवी वर्ष 2006 से 10, सर्कुलर रोड स्थित बंगले में रह रही थीं। उन्हें यह आवास पहले बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और बाद में विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष रहते हुए आवंटित किया गया था। अब भवन निर्माण विभाग ने उन्हें 39, हार्डिंग रोड स्थित नया सरकारी आवास आवंटित किया है।
हालांकि, लालू प्रसाद यादव के स्वास्थ्य को देखते हुए परिवार ने फिलहाल तेजस्वी यादव के 1, पोलो रोड स्थित सरकारी आवास और कौटिल्य नगर स्थित निजी बंगले को प्राथमिकता दी है। परिवार का अधिकांश सामान वहीं भेजा जा रहा है।
बिहार की राजनीति में बदलता एक प्रतीक
करीब दो दशकों तक 10, सर्कुलर रोड न केवल लालू परिवार का निवास रहा, बल्कि राष्ट्रीय जनता दल की राजनीतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र भी माना जाता था। ऐसे में इस आवास का खाली होना राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले समय में तेजस्वी यादव का आवास ही पार्टी की प्रमुख राजनीतिक गतिविधियों का नया केंद्र बन सकता है।
