राज्यराजनीति

गोरखपुर जिला कारागार से बंदी फरार, जेलर समेत पांच कर्मचारी निलंबित

गोरखपुर जिला कारागार से दुष्कर्म और अपहरण के मामले में बंद एक आरोपी शुक्रवार सुबह जेल की दीवार फांदकर फरार हो गया। घटना के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस की कई टीमें आरोपी की तलाश में जुटी हैं, जबकि प्रारंभिक जांच के बाद जेलर समेत पांच कर्मचारियों को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

खेती के दौरान मिला भागने का मौका

जानकारी के अनुसार, बांसगांव क्षेत्र के सरसोपार निवासी विपिन कुमार जेल परिसर के खेती वाले हिस्से में काम कर रहा था। इसी दौरान उसने कथित तौर पर एक पेड़ पर चढ़कर लगभग 20 फीट ऊंची जेल की दीवार पार कर ली और फरार हो गया। घटना की जानकारी सुबह करीब नौ बजे मिलने पर जेल प्रशासन और पुलिस में हड़कंप मच गया।

CCTV फुटेज से मिला सुराग

पुलिस के अनुसार, कौआबाग पुलिस चौकी के पास लगे सीसीटीवी कैमरों में फरार आरोपी रेलवे कॉलोनी की ओर जाता हुआ दिखाई दिया है। शाहपुर थाना पुलिस, क्राइम ब्रांच, जीआरपी और आरपीएफ समेत कई टीमें उसकी तलाश में जुटी हैं। रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और जिले से बाहर जाने वाले मार्गों पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है।

आरोपी पर गंभीर धाराओं में मुकदमा

विपिन कुमार को बांसगांव पुलिस ने 18 जुलाई को अपहरण के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बाद में जांच के दौरान मामले में पॉक्सो अधिनियम और दुष्कर्म की धाराएं भी जोड़ी गईं। वह न्यायिक हिरासत में जिला कारागार में बंद था।

गोरखपुर जिला कारागार से बंदी फरार, जेलर समेत पांच कर्मचारी निलंबित

प्रशासन ने की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा

घटना के बाद जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने जिला कारागार पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। अधिकारियों ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और ड्यूटी पर तैनात जेल कर्मियों से पूछताछ भी की। साथ ही फरार बंदी के रिश्तेदारों और परिचितों से भी पूछताछ की जा रही है।

जेलर समेत पांच कर्मचारी निलंबित

महानिदेशक कारागार पी.सी. मीणा ने प्रारंभिक जांच के आधार पर जेल वार्डर जितेंद्र गौतम, जितेंद्र कुमार दुबे, हेड जेल वार्डर ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव, रामजीत सिंह तथा जेलर अरुण कुमार को निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। वहीं जेल अधीक्षक दिलीप कुमार पांडेय के विरुद्ध भी विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है।

गोरखपुर जिला कारागार से आरोपी के फरार होने की घटना ने जेल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस और अन्य एजेंसियां आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चला रही हैं। वहीं प्रशासनिक स्तर पर जिम्मेदारी तय करने और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

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