
हिमाचल प्रदेश में शनिवार सुबह तड़के भूकंप के झटकों से लोग सहम गए। सुबह करीब 4:37 बजे 4.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। झटके महसूस होते ही कई इलाकों में लोग घरों से बाहर निकल आए। शिमला और आसपास के क्षेत्रों में भूकंप का असर ज्यादा महसूस किया गया।
4.1 तीव्रता के भूकंप से मची अफरा-तफरी
सुबह जब अधिकांश लोग सो रहे थे, तभी अचानक धरती हिलने लगी। कुछ ही देर में लोगों को भूकंप के झटके महसूस हुए। शुरुआती जानकारी के मुताबिक भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.1 दर्ज की गई और इसकी गहराई करीब 10 किलोमीटर बताई गई।
भूकंप का असर शिमला और सोलन समेत आसपास के इलाकों में महसूस हुआ, जबकि प्रदेश के अन्य हिस्सों में हल्के झटके महसूस किए जाने की जानकारी सामने आई है।
अस्पताल की पत्थर की दीवार से गिरने लगे पत्थर
भूकंप के झटकों के बीच शिमला के रामपुर क्षेत्र में भी लोगों में दहशत फैल गई। खनेरी इलाके में सुबह करीब 4:36 बजे झटके महसूस किए गए।
बताया जा रहा है कि भूकंप के दौरान एक अस्पताल की पत्थर की दीवार से अचानक पत्थर गिरने लगे। इससे आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, अभी तक किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना सामने नहीं आई है।

भूकंप का केंद्र नारकंडा-कुमारसैन के पास बताया गया
स्थानीय जानकारी के अनुसार रामपुर में महसूस किए गए झटकों का केंद्र नारकंडा-कुमारसैन क्षेत्र के आसपास बताया गया है। पहाड़ी इलाकों में भूकंप के दौरान कमजोर ढांचों और पत्थर की दीवारों को नुकसान का खतरा अधिक रहता है।
फिलहाल प्रशासन और संबंधित एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अभी तक किसी बड़े नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
लोगों में डर, लेकिन फिलहाल बड़े नुकसान की खबर नहीं
भूकंप के झटकों के बाद लोगों में डर का माहौल जरूर बना, लेकिन फिलहाल जान-माल के बड़े नुकसान की खबर नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार पहाड़ी क्षेत्रों में भूकंप के दौरान स्थानीय भूगर्भीय परिस्थितियों और निर्माण की गुणवत्ता के कारण कम तीव्रता के झटकों का असर भी अलग-अलग जगहों पर अलग हो सकता है।
प्रशासन की ओर से लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने और किसी भी तरह की क्षति की स्थिति में स्थानीय अधिकारियों को सूचना देने की अपील की जा सकती है।
