
हरियाणा के पानीपत जिले के सौदापुर गांव में जींद-पानीपत रोड को फोरलेन बनाने की प्रस्तावित योजना को लेकर ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। सड़क चौड़ीकरण के लिए दुकानों और मकानों पर निशानदेही किए जाने से नाराज ग्रामीणों ने कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार का काफिला रोक लिया। ग्रामीणों की शिकायत सुनने के बाद मंत्री ने संबंधित विभाग को फिलहाल कार्रवाई रोकने के निर्देश दिए।
सौदापुर में ग्रामीणों ने क्यों रोका मंत्री का काफिला?
पानीपत जिले के सौदापुर गांव में सोमवार सुबह उस समय स्थिति चर्चा में आ गई, जब ग्रामीणों ने कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार के काफिले को रोककर अपनी समस्याएं बताईं। मंत्री अपने विधानसभा क्षेत्र से पानीपत की ओर जा रहे थे।
ग्रामीणों की मुख्य चिंता जींद-पानीपत रोड के प्रस्तावित चौड़ीकरण को लेकर है। उनका कहना है कि सड़क को फोरलेन बनाने की योजना के तहत उनकी दुकानों और मकानों पर निशानदेही की गई है। इससे उन्हें अपनी संपत्ति टूटने का डर सता रहा है।
ग्रामीणों ने मंत्री से मामले में हस्तक्षेप करने और कार्रवाई से पहले उनकी समस्याओं का समाधान करने की मांग की।
जींद-पानीपत रोड को फोरलेन बनाने की योजना क्या है?
सौदापुर गांव पानीपत-जींद रोड पर स्थित है। इस मार्ग को फोरलेन बनाने की प्रस्तावित योजना के तहत सड़क चौड़ीकरण का काम किया जाना है। यह मार्ग असंध रोड या राज्य मार्ग-14 के नाम से भी जाना जाता है।
जानकारी के मुताबिक, लोक निर्माण विभाग (PWD) की ओर से सड़क के आसपास स्थित कुछ दुकानों और मकानों पर निशानदेही की गई थी। विभागीय कर्मचारी इसी सिलसिले में आगे की कार्रवाई के लिए मौके पर पहुंचने वाले थे।
ग्रामीणों को आशंका है कि चौड़ीकरण की प्रक्रिया में उनकी संपत्तियां प्रभावित हो सकती हैं। इसी वजह से उन्होंने मंत्री के सामने अपना विरोध दर्ज कराया।
दुकानों और मकानों पर निशानदेही बनी विवाद की वजह
सड़क चौड़ीकरण के दौरान जमीन और निर्माण प्रभावित होने की आशंका स्थानीय लोगों के लिए बड़ा मुद्दा बन गई है। दुकानदारों को कारोबार प्रभावित होने की चिंता है, जबकि मकान मालिकों को अपने घरों के हिस्से टूटने का डर है।

ग्रामीण चाहते हैं कि सड़क निर्माण से जुड़ी कार्रवाई के बारे में उन्हें स्पष्ट जानकारी दी जाए और उनकी आपत्तियों पर विचार किया जाए। हालांकि, कितनी संपत्तियां प्रभावित होंगी और कितनी जमीन की आवश्यकता होगी, इसकी विस्तृत आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।
ऐसे में प्रभावित लोगों की चिंताओं को दूर करने के लिए विभागीय स्तर पर स्थिति स्पष्ट करना महत्वपूर्ण होगा।
मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने क्या कदम उठाया?
ग्रामीणों की शिकायत सुनने के बाद कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने मामले का संज्ञान लिया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने संबंधित विभाग को फिलहाल कार्रवाई रोकने के निर्देश दिए।
इस फैसले से ग्रामीणों को तत्काल राहत मिली है। अब आगे की प्रक्रिया विभागीय स्तर पर होने की उम्मीद है। हालांकि, कार्रवाई पर रोक कितने समय तक रहेगी और निशानदेही की समीक्षा किस तरह होगी, इस बारे में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
28 फरवरी 2026 को हुआ था परियोजना का शिलान्यास
जानकारी के मुताबिक, कृष्ण लाल पंवार ने 28 फरवरी 2026 को इस परियोजना का शिलान्यास किया था। सड़क को फोरलेन बनाने की योजना का उद्देश्य मार्ग के विकास से जुड़ा है, लेकिन इसके साथ स्थानीय संपत्तियों पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव का सवाल भी सामने आया है।
अब प्रशासन के सामने सड़क चौड़ीकरण की योजना और ग्रामीणों की चिंताओं के बीच समाधान निकालने की चुनौती है। विभाग को यह स्पष्ट करना होगा कि किन संपत्तियों पर असर पड़ सकता है और प्रभावित लोगों की आपत्तियों का निस्तारण कैसे किया जाएगा।
निष्कर्ष: सौदापुर में ग्रामीणों द्वारा मंत्री का काफिला रोकने की घटना सड़क चौड़ीकरण को लेकर स्थानीय लोगों की चिंताओं को सामने लाती है। मंत्री के निर्देश के बाद फिलहाल कार्रवाई रोकी गई है। अब ग्रामीणों की नजर इस बात पर रहेगी कि विभाग निशानदेही और सड़क निर्माण को लेकर आगे क्या निर्णय लेता है।
