राज्यराजनीति

मध्य प्रदेश कांग्रेस में हल्की तकरार, दिग्विजय-जीतू पटवारी की बातचीत बनी चर्चा का विषय

मध्य प्रदेश कांग्रेस की एक संगठनात्मक बैठक के दौरान वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के बीच हल्की नोकझोंक ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया। अनुसूचित जाति विभाग की बैठक में संगठन में भागीदारी और चुनावी रणनीति पर चर्चा चल रही थी, तभी दिग्विजय सिंह ने चुटकी लेते हुए कहा कि AICC में जीतू पटवारी की पकड़ उनसे भी ज्यादा मजबूत है। इस टिप्पणी को पार्टी के भीतर बदलते नेतृत्व संतुलन और प्रभाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

‘मैं तो आपका चेला हूं’ से माहौल हुआ हल्का

दिग्विजय सिंह की टिप्पणी पर जीतू पटवारी ने बेहद सहज और विनम्र अंदाज में जवाब दिया कि “मैं तो आपका चेला हूं।” इस जवाब से बैठक का माहौल हल्का हो गया और मौजूद नेताओं के बीच मुस्कुराहट फैल गई। इसके बाद दिग्विजय सिंह ने भी मजाकिया अंदाज में कहा कि “अब गुरु गुड़ रह गया और चेला शक्कर हो गया।” इस संवाद ने बैठक को एक अनौपचारिक और सौहार्दपूर्ण माहौल में बदल दिया, जहां राजनीतिक चर्चा के साथ हल्का-फुल्का हास्य भी देखने को मिला।

मध्य प्रदेश कांग्रेस में हल्की तकरार, दिग्विजय-जीतू पटवारी की बातचीत बनी चर्चा का विषय

वीडियो सामने आने के बाद बढ़ी राजनीतिक चर्चा

बैठक के इस घटनाक्रम का वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस के भीतर और बाहर दोनों जगह चर्चा तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि शाम के समय जीतू पटवारी दिग्विजय सिंह के भोपाल स्थित निवास पर भी पहुंचे थे। वहां दोनों नेताओं के बीच कुछ समय तक बातचीत हुई और बाद में पटवारी ने उनका आशीर्वाद लेकर वापसी की। इस मुलाकात को राजनीतिक गलियारों में सुलह और संवाद के संकेत के रूप में देखा जा रहा है, हालांकि इसके पीछे संगठनात्मक समीकरणों की भी चर्चा हो रही है।

नाराजगी की अटकलों के बीच बढ़ी सियासी हलचल

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस पूरे घटनाक्रम ने मध्य प्रदेश कांग्रेस के भीतर नेतृत्व और प्रभाव के संतुलन को फिर से चर्चा में ला दिया है। हालांकि दोनों नेताओं ने सार्वजनिक तौर पर इसे हल्के-फुल्के अंदाज में लिया, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे गंभीर संकेत के रूप में देखा जा रहा है। जीतू पटवारी का दिग्विजय सिंह के पैर छूना और आशीर्वाद लेना भी इसी राजनीतिक समीकरण का हिस्सा माना जा रहा है, जिससे यह साफ है कि पार्टी के भीतर संवाद और संतुलन बनाए रखने की कोशिशें जारी हैं।

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