
राजधानी दिल्ली में लगातार हो रही बारिश के बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने ताजा मौसम चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार, अगले करीब तीन घंटों तक दिल्ली के अधिकांश इलाकों में मध्यम से भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
अगले तीन घंटे रहेंगे सबसे अहम
मौसम विभाग के अनुसार, राजधानी में कई स्थानों पर तेज बारिश के कारण जलभराव, ट्रैफिक जाम और दृश्यता कम होने की आशंका है। इसके साथ ही रेल, सड़क और हवाई यातायात भी प्रभावित हो सकता है। विभाग ने लोगों को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।
इन इलाकों में सबसे ज्यादा असर
भारी बारिश के कारण महरौली-बदरपुर रोड, ITO, वजीराबाद मार्ग, पटेल मार्ग, रोहतक रोड, शंकर रोड, कीर्ति नगर, दिल्ली-जयपुर हाईवे, पीरागढ़ी और शाहीन बाग में यातायात प्रभावित रहा।
इसके अलावा GT रोड, GTB एन्क्लेव, दिलशाद गार्डन, दक्षिणपुरी, ओखला, संगम विहार और सैनिक फार्म्स जैसे इलाकों में भी जलभराव की सूचना मिली है। कई जगहों पर वाहन रेंगते नजर आए और लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ा।

IMD ने जारी की सुरक्षा सलाह
मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि:
- जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।
- पेड़ों और कमजोर संरचनाओं के नीचे खड़े न हों।
- बिजली कड़कने के दौरान खुले स्थानों और जलाशयों से दूर रहें।
- वाहन सावधानीपूर्वक चलाएं और अनावश्यक यात्रा से बचें।
- रेल, सड़क और हवाई सेवाओं की स्थिति की जानकारी लेकर ही सफर करें।
किसानों के लिए भी जारी हुई एडवाइजरी
IMD ने किसानों को सलाह दी है कि कटी हुई फसल खुले में न छोड़ें। खेतों में अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था करें और फिलहाल उर्वरक एवं कीटनाशकों का छिड़काव करने से बचें, ताकि फसलों को नुकसान कम से कम हो।
10 अगस्त तक जारी रह सकता है बारिश का दौर
मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार सुबह सफदरजंग में 59.2 मिमी, लोधी रोड में 60.4 मिमी, रिज क्षेत्र में 57 मिमी, आयानगर में 26.2 मिमी और पालम में 16.9 मिमी बारिश दर्ज की गई।
IMD का अनुमान है कि 10 अगस्त तक दिल्ली में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है, जिससे कुछ इलाकों में जलभराव और यातायात संबंधी परेशानियां बनी रह सकती हैं।
सतर्क रहें, सुरक्षित रहें
बारिश ने जहां गर्मी से राहत दी है, वहीं राजधानी की यातायात व्यवस्था और जल निकासी प्रणाली की चुनौतियां भी सामने ला दी हैं। ऐसे में मौसम विभाग की सलाह का पालन करना, यात्रा से पहले ट्रैफिक और मौसम की जानकारी लेना तथा अनावश्यक जोखिम से बचना सबसे सुरक्षित विकल्प होगा।
