असम में पुल ढहा, Gaurav Gogoi ने सरकार को घेरा और उठाए बड़े सवाल

असम के शिवसागर जिले में स्थित डिक्हो नदी पर बना Gammon Bridge collapse over Dikhow river टूटने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। Gaurav Gogoi ने इस घटना के बाद केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने इस मामले को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री Nitin Gadkari को पत्र लिखकर स्थिति की गंभीरता से अवगत कराया।
NH-37 पर यातायात प्रभावित. बड़ी परेशानी खड़ी
इस पुल के गिरने से राष्ट्रीय राजमार्ग NH-37 पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। यह पुल ऊपरी असम के लिए एक महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी लिंक माना जाता है। पुल के एक हिस्से के ढहने से लोगों को आवाजाही में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं मिली है।

पहले से चेतावनी के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई का आरोप
Gaurav Gogoi ने आरोप लगाया कि पुल में पहले से ही संरचनात्मक कमजोरी के संकेत दिखाई दे रहे थे। उनके अनुसार लगभग एक महीने पहले ही इस पुल में तनाव और खराब स्थिति के संकेत मिले थे। इसके बावजूद समय रहते जरूरी कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने इसे प्रशासनिक लापरवाही बताया और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।
सरकार की कार्यशैली पर सवाल और त्वरित कार्रवाई की मांग
अपने बयान में Gogoi ने राज्य सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma पर बुनियादी ढांचे की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार बड़े-बड़े ऐलान करती है लेकिन जमीनी स्तर पर रखरखाव और निगरानी में कमी रहती है। उन्होंने केंद्र सरकार से तुरंत हस्तक्षेप कर पुल की मरम्मत और कनेक्टिविटी बहाल करने की मांग की है।
सुरक्षा और रखरखाव पर उठे गंभीर सवाल
यह पुल 1963 से उपयोग में था और दशकों से एक अहम संपर्क मार्ग के रूप में काम कर रहा था। इसकी गिरावट ने पूरे क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा और रखरखाव प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। Gogoi ने मंत्रालय से अपील की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए मजबूत निगरानी व्यवस्था बनाई जाए और समय रहते मरम्मत व निरीक्षण को प्राथमिकता दी जाए।
