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बांसगांव में लेखपालों का धरना, एंटी करप्शन कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग

एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई के विरोध में बांसगांव तहसील में लेखपालों ने एक दिवसीय धरना दिया। संघ ने अयोध्या की सोहावल तहसील में तैनात लेखपाल उत्कर्ष दीप की गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए सीसीटीवी फुटेज समेत पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की।

तहसील परिसर में जुटे लेखपाल

उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की बांसगांव तहसील इकाई ने शनिवार को एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया। तहसील परिसर में हुए प्रदर्शन में संघ के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में लेखपाल शामिल हुए।

लेखपालों ने कहा कि उनका विरोध भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई से नहीं, बल्कि कार्रवाई की प्रक्रिया और मामले की निष्पक्षता को लेकर है।

उत्कर्ष दीप की गिरफ्तारी पर उठे सवाल

तहसील अध्यक्ष संतोष राय ने बताया कि प्रदर्शन अयोध्या जिले की सोहावल तहसील में तैनात लेखपाल उत्कर्ष दीप की गिरफ्तारी के मामले को लेकर किया गया है। संघ का आरोप है कि एंटी करप्शन टीम ने उन्हें कथित तौर पर फर्जी तरीके से पकड़ा।

बांसगांव में लेखपालों का धरना, एंटी करप्शन कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग

हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संघ ने जांच के जरिए पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की है।

पैसे देने की घटना पर संघ का दावा

संघ अध्यक्ष के मुताबिक, जिस व्यक्ति की ओर से लेखपाल को पैसे देने का आरोप लगाया गया है, उसने कथित तौर पर जबरदस्ती राशि दी थी। लेखपाल संघ का कहना है कि इस पहलू की भी जांच होनी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि घटनास्थल पर वास्तव में क्या हुआ था।

संघ ने कहा कि केवल एक पक्ष के आधार पर निष्कर्ष निकालने के बजाय सभी तथ्यों की जांच जरूरी है।

CCTV फुटेज की जांच की मांग

लेखपाल संघ ने घटनास्थल की सीसीटीवी फुटेज को जांच का अहम हिस्सा बताया है। उनका कहना है कि फुटेज से घटना के समय की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

संघ की मांग है कि उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई जाए और उसके आधार पर पूरे घटनाक्रम को समझा जाए।

भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई के खिलाफ नहीं

धरने के दौरान संघ ने स्पष्ट किया कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई का विरोध नहीं कर रहा है। लेखपालों का कहना है कि सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई होने पर भी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए।

उनके मुताबिक, अगर किसी कर्मचारी ने वास्तव में भ्रष्टाचार किया है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन किसी निर्दोष कर्मचारी के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।

उच्चस्तरीय जांच की मांग

लेखपाल संघ ने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। संघ का कहना है कि निष्पक्ष जांच से घटना से जुड़े सभी तथ्य सामने आएंगे और उसके बाद जिम्मेदारी तय की जा सकेगी।

बांसगांव तहसील में हुआ यह प्रदर्शन भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई और कार्रवाई की प्रक्रिया के बीच संतुलन के सवाल को सामने लाता है। अब नजर इस बात पर है कि जांच में सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों से क्या तथ्य सामने आते हैं और मामले की वास्तविक तस्वीर किस तरह स्पष्ट होती है।

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