राज्यराजनीति

पंजाब में BJP-SAD गठबंधन की सुगबुगाहट तेज, 60-57 फॉर्मूले की चर्चा

पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले BJP और शिरोमणि अकाली दल के बीच संभावित गठबंधन एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। दोनों दल सार्वजनिक रूप से 117 सीटों पर अपनी-अपनी तैयारियां जारी रखने की बात कह रहे हैं, लेकिन सूत्रों के मुताबिक पर्दे के पीछे गठबंधन की संभावनाओं पर बातचीत चल रही है।

सर्वे में गठबंधन को बताया गया अहम

आपके इनपुट के मुताबिक SAD के आंतरिक सर्वे में अकेले चुनाव लड़ने की स्थिति में पार्टी को करीब 30-35 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है, जबकि BJP के साथ आने पर गठबंधन को 58-60 सीटों तक पहुंचने का दावा किया गया है। इन आंकड़ों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए इन्हें पार्टी के अंदरूनी आकलन के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

हालांकि, 2024 लोकसभा चुनाव में दोनों दलों का संयुक्त वोट शेयर करीब 32 फीसदी था। अलग-अलग चुनाव लड़ने पर BJP को 18.56 फीसदी और SAD को 13.42 फीसदी वोट मिले थे।

60-57 सीटों के फॉर्मूले की चर्चा

सूत्रों के हवाले से 60-57 सीट शेयरिंग फॉर्मूले की चर्चा है। इसके तहत BJP के 60 और SAD के 57 सीटों पर लड़ने की बात कही जा रही है। हालांकि, अगस्त में सामने आई रिपोर्टों में सीटों के बंटवारे को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद की बात भी कही गई थी। BJP ने आधिकारिक तौर पर सभी 117 सीटों पर तैयारी का रुख रखा है।

यही वजह है कि 60-57 फॉर्मूले को फिलहाल अंतिम समझौता मानना जल्दबाजी होगी।

पंजाब में BJP-SAD गठबंधन की सुगबुगाहट तेज, 60-57 फॉर्मूले की चर्चा

पुनर सुरजीत धड़े की एंट्री से पेच

संभावित गठबंधन में SAD (Punar Surjit) धड़े को शामिल करने की कोशिश भी अहम है। द ट्रिब्यून के मुताबिक इस धड़े के नेताओं के साथ 2027 चुनाव को लेकर संभावित व्यवस्था पर बातचीत हुई है। बीबी जागीर कौर, गुरप्रताप सिंह वडाला और प्रेम सिंह चंदूमाजरा जैसे नेताओं के नाम इस कवायद में सामने आए हैं।

आपके इनपुट में इस धड़े को BJP के हिस्से से 8-10 सीटें देने की बात कही गई है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

नेताओं के बयान ने बढ़ाया सस्पेंस

SAD महासचिव दलजीत सिंह चीमा ने कहा है कि गठबंधन पर फैसला लेने के लिए पार्टी ने अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल को अधिकार दिए हैं। वहीं वरिष्ठ नेता बलविंदर सिंह भुंडड़ ने हाल में BJP के साथ तत्काल किसी बातचीत से इनकार किया था। इससे साफ है कि सार्वजनिक बयानों और अंदरूनी राजनीतिक गतिविधियों के बीच अभी अंतर बना हुआ है।

BJP भी फिलहाल अपने संगठन को सभी 117 सीटों पर मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी ने कहा है कि गठबंधन से जुड़ा फैसला आगे की परिस्थितियों, फीडबैक और राजनीतिक जरूरतों के आधार पर होगा।

ऐलान से पहले सबसे बड़ी चुनौती सीट बंटवारा

BJP और SAD के सामने सबसे बड़ा सवाल सीटों का बंटवारा और दोनों दलों के मजबूत उम्मीदवारों को समायोजित करना है। इसके साथ ही Punar Surjit धड़े की भूमिका भी तस्वीर बदल सकती है।

पंजाब की राजनीति में कभी लंबे समय तक साथ रहे BJP और SAD 2020 में अलग हो गए थे। अब दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ने की खबरों ने 2027 के मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। लेकिन जब तक दोनों दल आधिकारिक घोषणा नहीं करते, गठबंधन को संभावित राजनीतिक समझौता ही माना जाएगा, अंतिम फैसला नहीं।

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