
बिहार की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव को लेकर चुनावी सरगर्मी अपने चरम पर है। मंगलवार शाम 5 बजे प्रचार थम जाएगा, जिसके बाद 30 जुलाई को मतदान होगा। इस सीट पर मुख्य मुकाबला बीजेपी, आरजेडी और जन सुराज के बीच माना जा रहा है।
आज शाम थमेगा चुनाव प्रचार
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए मंगलवार चुनाव प्रचार का अंतिम दिन है। शाम 5 बजे चुनाव प्रचार बंद हो जाएगा और इसके बाद प्रत्याशी मतदाताओं से सीधे संपर्क नहीं कर सकेंगे। नामांकन प्रक्रिया 6 जुलाई से 13 जुलाई के बीच पूरी हुई थी। जांच के दौरान कुछ उम्मीदवारों के नामांकन रद्द हुए और एक प्रत्याशी ने नाम वापस ले लिया। अब चुनाव मैदान में कुल 25 उम्मीदवार हैं।
30 जुलाई को होगी वोटिंग
बांकीपुर विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान होगा। निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन ने मतदान की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। विधानसभा क्षेत्र में कुल 3,79,616 मतदाता हैं, जिनके लिए 422 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। चूंकि चुनाव मैदान में 25 प्रत्याशी हैं और एक ईवीएम में अधिकतम 16 उम्मीदवारों के नाम ही दर्ज किए जा सकते हैं, इसलिए सभी मतदान केंद्रों पर दो ईवीएम का उपयोग किया जाएगा।

3 अगस्त को आएंगे चुनाव परिणाम
मतदान के बाद 3 अगस्त को पटना के एएन कॉलेज में सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू होगी। हालांकि यह केवल एक सीट का उपचुनाव है, लेकिन इसे बिहार की राजनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासकर एनडीए और विपक्ष के लिए यह चुनाव प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है।
त्रिकोणीय मुकाबले की चर्चा
बांकीपुर सीट पर मुख्य मुकाबला बीजेपी के नीरज कुमार सिन्हा, आरजेडी की रेखा गुप्ता और जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर के बीच माना जा रहा है। तीनों उम्मीदवार लगातार जनसंपर्क और चुनाव प्रचार में जुटे रहे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार मुकाबला कड़ा और त्रिकोणीय हो सकता है।
चुनाव आयोग और प्रशासन ने दिए सख्त निर्देश
निर्वाचन आयोग ने सभी मतदान कर्मियों को मतदान से एक दिन पहले अपने-अपने बूथ पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मतदान समाप्त होने के बाद ईवीएम को सुरक्षित जमा कराने पर विशेष जोर दिया गया है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी एवं पटना के डीएम कुंदन कुमार ने अधिकारियों से निष्पक्षता बनाए रखने और मतदान केंद्रों पर सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव बिहार की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रचार समाप्त होने के बाद अब मतदाताओं की बारी है कि वे 30 जुलाई को अपने मताधिकार का प्रयोग करें। 3 अगस्त को आने वाले नतीजे यह तय करेंगे कि इस प्रतिष्ठित सीट पर जनता ने किस उम्मीदवार पर भरोसा जताया है।
