
बिहार में एमएलसी की 9 सीटों पर चुनाव और एक सीट पर उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। बीजेपी और जेडीयू के बाद अब चिराग पासवान की पार्टी एलजेपी (रामविलास) ने भी अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। इससे राज्य में एनडीए के भीतर सीट बंटवारे और रणनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सभी दल अपने-अपने समीकरण साधने में जुटे हैं और चुनावी माहौल धीरे-धीरे गर्म होता जा रहा है।
उपेंद्र कुशवाहा का शांत लेकिन सधा हुआ जवाब
राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने इस राजनीतिक घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह पूरी तरह सामान्य प्रक्रिया है और चुनाव तो होना ही है। उन्होंने कहा कि नामांकन की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है, इसलिए जल्दबाजी की कोई जरूरत नहीं है। जब उनसे सवाल किया गया कि सीटों का गणित ठीक नहीं बैठ रहा, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि गणित वे भी समझते हैं और सभी को इंतजार करना चाहिए।

लालू-राबड़ी की सुरक्षा पर भी दी प्रतिक्रिया
इसी बीच लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की सुरक्षा हटाए जाने के मुद्दे पर भी उपेंद्र कुशवाहा ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह सरकार का विषय है और सुरक्षा का निर्णय सरकार अपनी रिपोर्ट और आवश्यकता के आधार पर लेती है। उन्होंने आरजेडी की प्रतिक्रिया पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि यह उनका आंतरिक मामला है और उस पर वही जवाब देंगे।
बिहार में चुनावी समीकरणों पर बढ़ी नजरें
एलजेपी (रामविलास) ने इस बार अशरफ अंसारी को एमएलसी चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया है, जबकि जेडीयू और बीजेपी पहले ही अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर चुकी हैं। बीजेपी ने इस बार भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह को भी मैदान में उतारकर चुनाव को और रोचक बना दिया है। कुल मिलाकर एनडीए के भीतर और विपक्ष में सीटों के संतुलन को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और आने वाले दिनों में बिहार की सियासत और अधिक गर्म होने की संभावना है।
