अनंत सिंह की जमानत होगी रद्द बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में क्यों किया बड़ा दावा

National news (Globl times): बिहार के मोकामा विधायक अनंत सिंह की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। दुलारचंद यादव हत्याकांड को लेकर बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपना रुख साफ कर दिया है। सरकार का कहना है कि इस मामले में अनंत सिंह और दूसरे आरोपियों पर लगाए गए आरोप सही पाए गए हैं। इतना ही नहीं राज्य सरकार ने पटना हाई कोर्ट से अनंत सिंह को मिली जमानत रद्द करने की मांग भी की है।
दरअसल दुलारचंद यादव हत्याकांड को लेकर मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। दुलारचंद यादव के पोते नीरज ने अदालत में याचिका दाखिल कर अनंत सिंह को मिली जमानत के खिलाफ अपनी बात रखी है। इसी याचिका पर सुनवाई के दौरान बिहार सरकार की तरफ से जवाबी हलफनामा दाखिल किया गया। इसमें सरकार ने अनंत सिंह के खिलाफ गंभीर बातें कही हैं।
सरकार ने अपने जवाब में बताया है कि दुलारचंद यादव की हत्या के मामले में अनंत सिंह और अन्य आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप जांच में सही पाए गए हैं। इसी आधार पर सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से उनकी जमानत रद्द करने की मांग की है। अब इस मामले में अदालत का फैसला काफी अहम माना जा रहा है।
बिहार सरकार ने अपने हलफनामे में अनंत सिंह के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड का भी जिक्र किया है। सरकार के मुताबिक मोकामा विधायक के खिलाफ कुल 62 आपराधिक मामले दर्ज हैं। यह हलफनामा अक्टूबर महीने के तीसरे सप्ताह में सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया गया था।
अनंत सिंह बिहार की राजनीति में काफी चर्चित चेहरा रहे हैं। मोकामा इलाके में उनकी राजनीतिक पकड़ और दबदबे की चर्चा हमेशा होती रही है। लेकिन दुलारचंद यादव हत्याकांड ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अब बिहार सरकार के इस रुख के बाद उनकी जमानत पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को लेकर आगे की सुनवाई और अदालत का रुख अहम रहेगा। अगर अदालत बिहार सरकार की मांग पर विचार करते हुए जमानत रद्द करती है तो अनंत सिंह की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।