SIR विवाद पर कांग्रेस की बड़ी मांग CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की उठाई आवाज

India (Globl times): SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का दावा है कि छह राज्यों में करीब 10 करोड़ लोगों की मतदाता सूची की जांच के बाद सिर्फ 1600 संदिग्ध विदेशी नागरिकों की पहचान हुई है। इसी आंकड़े को लेकर पार्टी ने सरकार से पूछा है कि जब विदेशी वोटरों की संख्या इतनी कम मिली तो इतने बड़े स्तर पर लोगों के नामों की जांच करने की जरूरत क्यों पड़ी।
कांग्रेस के महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए आरोप लगाया कि SIR की प्रक्रिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की योजना का हिस्सा है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी सवाल उठाए और कहा कि इस प्रक्रिया के जरिए बड़ी संख्या में भारतीय नागरिकों को उनके वोट देने के अधिकार से वंचित करने की कोशिश की गई है। हालांकि ये कांग्रेस के आरोप हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
जयराम रमेश के मुताबिक कर्नाटक झारखंड मेघालय केरल गोवा और मिजोरम में अब तक करीब 1600 विदेशी नागरिकों की पहचान कर उनके नाम हटाए जाने की जानकारी सामने आई है। उनका कहना है कि बाकी 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से इस बारे में आंकड़े नहीं मिले क्योंकि चुनाव आयोग ने ऐसी जानकारी जुटाने के लिए नहीं कहा था।
कांग्रेस ने कर्नाटक का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां करीब 99 लाख 70 हजार नाम मतदाता सूची से हटाए गए जबकि विदेशी नागरिकों के तौर पर केवल 716 लोगों की पहचान हुई। जयराम रमेश के अनुसार इनमें 545 लोग नेपाल से जुड़े बताए गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी संख्या में नाम हटने के बीच विदेशी नागरिकों की पहचान का आंकड़ा इतना कम क्यों है।
इस मामले में कांग्रेस ने अपनी मांग दोहराते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और SIR की प्रक्रिया पर रोक लगाने की बात कही है। पार्टी ने ECINET पोर्टल में भी बड़े बदलाव करने की मांग की है।
अब इस मुद्दे पर चुनाव आयोग और केंद्र सरकार की ओर से आने वाला जवाब अहम होगा। फिलहाल SIR को लेकर राजनीतिक बहस तेज है और मतदाता सूची में नामों की जांच के साथ लोगों के मतदान के अधिकार को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
