
उत्तराखंड सरकार ने हरिद्वार कुंभ 2027 को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। इस दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को औपचारिक आमंत्रण पत्र भेजा है। यह कदम धार्मिक और प्रशासनिक दोनों स्तर पर बेहद अहम माना जा रहा है। सरकार का उद्देश्य इस महापर्व को भव्य और व्यवस्थित रूप से आयोजित करना है।
मुख्यमंत्री के पत्र में दिखी सनातन परंपरा की झलक
मुख्यमंत्री धामी द्वारा भेजे गए पत्र में उत्तराखंड की धार्मिक आस्था और सनातन परंपरा का गहरा उल्लेख किया गया है। पत्र में लिखा गया कि देवभूमि की पावन धरती संतों और महात्माओं के चरणों में नमन करती है। साथ ही बदरीनाथ धाम और ज्योतिर्मठ की गौरवशाली परंपरा का भी विशेष उल्लेख किया गया है। सरकार ने इस आयोजन को भारतीय संस्कृति का विराट उत्सव बताया है।

करोड़ों श्रद्धालुओं के जुटने की है ऐतिहासिक तैयारी
हरिद्वार कुंभ 2027 में देश और दुनिया से करोड़ों श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई जा रही है। गंगा स्नान और संतों के दर्शन के लिए भारी संख्या में भक्त हरिद्वार पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में इस आयोजन को केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं बल्कि आध्यात्मिक चेतना का विशाल संगम बताया है। सरकार की योजना इसे विश्व स्तर पर एक आदर्श धार्मिक आयोजन के रूप में प्रस्तुत करने की है।
शंकराचार्य की उपस्थिति को बताया गया अत्यंत महत्वपूर्ण
मुख्यमंत्री धामी ने अपने पत्र में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की उपस्थिति को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने लिखा कि उनके आगमन से यह आयोजन और अधिक दिव्य और सफल बनेगा। उनके आशीर्वाद से श्रद्धालुओं में नई ऊर्जा और धार्मिक आस्था का संचार होगा। सरकार ने विनम्र आग्रह किया है कि शंकराचार्य इस भव्य कुंभ में अपनी उपस्थिति से आयोजन को गौरवान्वित करें और मार्गदर्शन प्रदान करें।
