पंजाब को 4 साल बाद मिला स्थायी DGP, गौरव यादव संभालेंगे पुलिस की कमान

पंजाब पुलिस को आखिरकार नियमित महानिदेशक मिल गया है। 1992 बैच के वरिष्ठ IPS अधिकारी गौरव यादव को स्थायी DGP नियुक्त किया गया है। जुलाई 2022 से कार्यवाहक प्रमुख की जिम्मेदारी संभाल रहे यादव की नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब इस पद पर नियमित नियुक्ति को लेकर कानूनी प्रक्रिया भी चल रही थी।
गौरव यादव बने पंजाब के नियमित DGP
पंजाब सरकार ने वरिष्ठ IPS अधिकारी गौरव यादव को राज्य का नियमित पुलिस महानिदेशक नियुक्त किया है। UPSC की ओर से भेजे गए तीन अधिकारियों के पैनल में से उनका चयन किया गया। इस नियुक्ति के साथ पंजाब पुलिस को करीब चार साल बाद स्थायी प्रमुख मिला है।
गौरव यादव जुलाई 2022 से कार्यवाहक DGP के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अब नियमित नियुक्ति के बाद उनसे राज्य की कानून-व्यवस्था और पुलिस प्रशासन को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी जारी रखने की अपेक्षा है।
UPSC के पैनल में शामिल थे तीन अधिकारी
पंजाब पुलिस प्रमुख के चयन के लिए UPSC ने तीन वरिष्ठ अधिकारियों के नामों का पैनल भेजा था। इसमें गौरव यादव के अलावा शरद सत्य चौहान और हरप्रीत सिंह सिद्धू शामिल थे।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, गौरव यादव 30 अप्रैल 2029 को सेवानिवृत्त होंगे। शरद सत्य चौहान की सेवानिवृत्ति 31 मार्च 2028 और हरप्रीत सिंह सिद्धू की 31 मई 2027 को निर्धारित है।
नियमित नियुक्ति से पुलिस नेतृत्व को प्रशासनिक निरंतरता मिलने की उम्मीद है।

हाई कोर्ट के निर्देश के बाद नियुक्ति
पंजाब में नियमित DGP की नियुक्ति का मामला पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट तक पहुंचा था। वकील निखिल थम्मन ने जनहित याचिका दायर कर लंबे समय तक कार्यवाहक व्यवस्था जारी रहने पर सवाल उठाए थे।
1 अक्टूबर को मुख्य न्यायाधीश अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहित कपूर की पीठ ने राज्य सरकार को नियमित DGP की नियुक्ति पर उचित निर्णय लेने का निर्देश दिया था। अदालत ने मुख्य सचिव केएपी सिन्हा से 13 अक्टूबर की अगली सुनवाई से पहले अनुपालन हलफनामा दाखिल करने को भी कहा था।
कौन हैं गौरव यादव?
गौरव यादव 1992 बैच के IPS अधिकारी हैं और मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के निवासी बताए जाते हैं। पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद उन्हें मुख्यमंत्री भगवंत मान का स्पेशल प्रिंसिपल सेक्रेटरी बनाया गया था।
इसके बाद जुलाई 2022 में उन्हें पंजाब पुलिस के कार्यवाहक प्रमुख की जिम्मेदारी सौंपी गई। करीब चार वर्षों तक इस पद पर काम करने के बाद अब उन्हें नियमित DGP नियुक्त किया गया है।
नई जिम्मेदारी के साथ बढ़ेंगी अपेक्षाएं
स्थायी DGP की नियुक्ति पंजाब पुलिस के प्रशासनिक नेतृत्व के लिहाज से महत्वपूर्ण है। राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखना, संगठित अपराध पर कार्रवाई, नशा तस्करी पर अंकुश और पुलिस व्यवस्था में जनता का भरोसा मजबूत करना प्रमुख चुनौतियों में शामिल हैं।
नियमित नियुक्ति से नेतृत्व को स्थिरता मिल सकती है, लेकिन इसका वास्तविक प्रभाव पुलिस की कार्यप्रणाली और जमीनी स्तर पर होने वाले सुधारों से तय होगा।
चार साल बाद स्थायी DGP की नियुक्ति से पंजाब पुलिस को नियमित नेतृत्व मिला है। अब गौरव यादव के सामने इस भरोसे को बेहतर कानून-व्यवस्था, जवाबदेह पुलिसिंग और प्रभावी कार्रवाई में बदलने की चुनौती होगी।
