सीमापुरी बिल्डिंग हादसा: 4 की मौत, गर्भवती महिला और बेटी समेत 8 घायल

दिल्ली के सीमापुरी इलाके में बुधवार दोपहर एक इमारत के अचानक ढहने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मलबे में कई लोग दब गए। राहत-बचाव दल ने घंटों की मशक्कत के बाद लोगों को बाहर निकाला। हादसे में मौत का आंकड़ा बढ़कर चार हो गया है, जबकि आठ घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है।
अचानक भरभराकर गिरी इमारत
हादसा सीमापुरी के ई-ब्लॉक स्थित मछली मंडी और ईदगाह के पास बुधवार दोपहर करीब 3:30 बजे हुआ। चार मंजिला इमारत का हिस्सा अचानक ढह गया और मलबा आसपास के हिस्सों तक फैल गया। संकरी गलियों के कारण राहत टीमों को घटनास्थल तक पहुंचने में भी मुश्किल हुई।
फायर सर्विस, NDRF, पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। मलबे से 11 लोगों को निकाला गया, जिनमें आठ घायल थे।
गर्भवती गुल्फ्शा और बच्चों की मौत
मृतकों में 21 वर्षीय गुल्फ्शा भी शामिल थीं, जो करीब चार महीने की गर्भवती थीं। उनके साथ दो बच्चे भी इस हादसे की चपेट में आए। एक बच्ची की उम्र करीब 12 साल और दूसरे बच्चे की उम्र करीब डेढ़ साल बताई गई है। बाद में मलबे से एक और शव मिलने के बाद मृतकों की संख्या चार हो गई।
गुल्फ्शा अपने मायके आई थीं। हादसे के बाद उन्होंने मलबे के नीचे से परिजनों को फोन कर मदद मांगी थी। उनके परिवार के मुताबिक उन्होंने पानी मांगने और सांस लेने में परेशानी होने की बात कही थी।

आठ घायलों का अस्पताल में इलाज
हादसे में घायल आठ लोगों को राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, ताहिरपुर में भर्ती कराया गया। बचाव दल ने मलबे से लोगों को निकालने के लिए लगातार अभियान चलाया। स्थानीय लोग भी राहत कार्य में मदद करते नजर आए।
इमारत गिरने की वजह की जांच
इमारत गिरने के कारणों की जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, संरचना में पहले से कमजोरी की संभावना सहित कई पहलुओं की जांच होगी। कुछ स्थानीय लोगों ने मंगलवार को आए भूकंपीय झटकों के बाद इमारत में दरारें आने की बात कही है, लेकिन हादसे की अंतिम वजह जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
एक महीने में दूसरा बड़ा हादसा
सीमापुरी की घटना ने दिल्ली में इमारतों की सुरक्षा को लेकर चिंता फिर बढ़ा दी है। इससे करीब एक महीने पहले दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में भी एक इमारत ढहने से सात लोगों की मौत हुई थी।
लगातार हो रहे ऐसे हादसे यह सवाल खड़ा करते हैं कि पुरानी और कमजोर इमारतों की समय रहते पहचान और सुरक्षा जांच कितनी प्रभावी है। सीमापुरी का हादसा सिर्फ चार परिवारों के लिए नहीं, बल्कि पूरे शहर के लिए एक गंभीर चेतावनी है।
