राज्यराजनीति

बिहार में आज महागठबंधन का राजभवन मार्च, SIR और CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन

बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर महागठबंधन और चुनाव आयोग के बीच राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ रहा है। बुधवार को राज्य के सभी 534 प्रखंड मुख्यालयों पर आक्रोश मार्च के बाद अब गुरुवार, 8 अक्टूबर को जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन और पटना में राजभवन मार्च का कार्यक्रम रखा गया है।

पटना में राजभवन मार्च की तैयारी

महागठबंधन की योजना के मुताबिक पटना में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में मार्च निकाला जाएगा। मार्च सप्तमूर्ति के पास से शुरू होकर राजभवन की ओर जाएगा, जहां राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर SIR, मतदाता सूची और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्ष की मांगें रखी जाएंगी। कार्यक्रम सुबह 11 बजे से प्रस्तावित है।

इस प्रदर्शन में RJD, कांग्रेस, VIP, IIP और वाम दलों के नेता एवं कार्यकर्ता शामिल होंगे।

सभी जिला मुख्यालयों पर भी प्रदर्शन

पटना के साथ-साथ बिहार के सभी जिला मुख्यालयों पर भी महागठबंधन की ओर से धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। गठबंधन के नेताओं का कहना है कि SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर वे अपनी आपत्तियां दर्ज कराएंगे।

यह आंदोलन दो दिनों के कार्यक्रम का दूसरा चरण है। पहले दिन 7 अक्टूबर को राज्य के 534 प्रखंड मुख्यालयों पर आक्रोश मार्च आयोजित किए गए थे।

बिहार में आज महागठबंधन का राजभवन मार्च, SIR और CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन

CEC के इस्तीफे की मांग

महागठबंधन के नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। विपक्ष SIR के दौरान मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने को लेकर सवाल उठा रहा है। RJD ने SIR को रद्द करने और मतदाता सूची से हटाए गए नामों को बहाल करने जैसी मांगें भी उठाई हैं।

हालांकि, ये विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोप और राजनीतिक मांगें हैं। चुनाव आयोग की ओर से SIR प्रक्रिया को लेकर अलग पक्ष और स्पष्टीकरण दिए गए हैं।

534 प्रखंडों में पहले दिन हुआ प्रदर्शन

बुधवार को महागठबंधन के घटक दलों ने राज्यभर के 534 प्रखंड मुख्यालयों पर आक्रोश मार्च निकाला। कई स्थानों पर नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की तथा CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया। RJD, कांग्रेस, VIP और वाम दलों के कार्यकर्ता इन प्रदर्शनों में शामिल हुए।

दिल्ली के बाद बिहार में भी सड़क पर विपक्ष

SIR को लेकर विपक्ष का आंदोलन केवल बिहार तक सीमित नहीं है। इससे पहले दिल्ली में INDIA गठबंधन के सांसदों ने जंतर-मंतर की ओर मार्च करने का प्रयास किया था। पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया था और राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया गया था।

बिहार में महागठबंधन ने भी साफ किया है कि SIR और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर उसका आंदोलन जारी रहेगा।

अब राजभवन मार्च पर नजर

दो दिवसीय कार्यक्रम के अंतिम दिन पटना में होने वाला राजभवन मार्च महागठबंधन के आंदोलन का प्रमुख हिस्सा है। मार्च के बाद राज्यपाल को ज्ञापन सौंपे जाने की योजना है। ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर है कि प्रदर्शन के दौरान विपक्ष अपनी कौन-कौन सी मांगें प्रमुखता से उठाता है और प्रशासन की ओर से क्या व्यवस्था की जाती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button