
बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए विपक्ष की राजनीति और चुनावी रणनीति पर सवाल खड़े किए हैं।
बेगूसराय में गिरिराज सिंह का बयान
गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को बेगूसराय पहुंचे केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने मीडिया से बातचीत के दौरान कांग्रेस और विपक्ष पर जमकर हमला बोला। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार का जिक्र करते हुए कहा कि 12 साल के दौरान विपक्ष नरेंद्र मोदी पर कोई दाग लगाने में सफल नहीं हुआ।
गिरिराज सिंह ने दावा किया कि विपक्ष के पास अब सरकार के खिलाफ कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है। उन्होंने राहुल गांधी पर भ्रष्टाचार और विवादों से घिरी सरकार के दौर का हवाला देते हुए हमला बोला।
SIR को लेकर राहुल और तेजस्वी पर निशाना
गिरिराज सिंह ने SIR के मुद्दे को लेकर राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों नेता लंबे समय से मतदाता सूची में नाम कटने को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष बांग्लादेशियों को वोट का अधिकार दिए जाने को लेकर चिंतित है। उन्होंने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को “मुस्लिम प्रेमी” और “बांग्लादेशी प्रेमी” तक कह दिया। हालांकि, ये गिरिराज सिंह के राजनीतिक आरोप हैं, जिन पर विपक्ष की प्रतिक्रिया अलग हो सकती है।

स्मित माछर का भी किया जिक्र
अपने बयान के दौरान गिरिराज सिंह ने पायलट स्मित माछर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया जिस पायलट की तारीफ कर रही है, उसे इंडिया गठबंधन की ओर से बधाई नहीं दी गई, क्योंकि उनके मुताबिक को-पायलट मुस्लिम था। इस बयान के जरिए उन्होंने विपक्ष पर धार्मिक आधार पर राजनीति करने का आरोप लगाया।
बीजेपी प्रवक्ता ने भी विपक्ष को घेरा
बिहार बीजेपी के प्रवक्ता कुंतल कृष्ण ने भी विपक्ष पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष जिन चुनावों को त्रुटिपूर्ण बता रहा है, उन्हीं चुनावों में तेजस्वी यादव, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी जीत हासिल कर चुके हैं।
उनका कहना था कि केरल का चुनाव निष्पक्ष है और झारखंड में भी किसी तरह की समस्या नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष जब चुनाव हारता है तो उसे चुनाव प्रक्रिया में त्रुटियां नजर आने लगती हैं।
SIR बना बिहार की सियासत का बड़ा मुद्दा
बिहार की राजनीति में SIR पहले से ही बड़ा चुनावी मुद्दा बना हुआ है। विपक्ष मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर लगातार सवाल उठा रहा है, जबकि बीजेपी इसे चुनावी प्रक्रिया को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की कवायद बता रही है।
गिरिराज सिंह के ताजा बयान के बाद SIR, मतदाता सूची और कथित अवैध मतदाताओं को लेकर बिहार की सियासत और गरमाने के संकेत हैं। चुनाव से पहले दोनों पक्षों के बीच इस मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने की संभावना है।
