राज्यराजनीति

पंजाब BJP ने तीन नेताओं को भेजा शो-कॉज नोटिस, पार्टी अनुशासन उल्लंघन पर सात दिन में मांगा जवाब

पंजाब बीजेपी में संगठनात्मक अनुशासन को लेकर सख्ती दिखाई गई है। संगरूर में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिए गए कथित बयानों को लेकर पार्टी ने तीन नेताओं से जवाब मांगा है। तीनों को सात दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है।

तीन नेताओं को कारण बताओ नोटिस

भारतीय जनता पार्टी की पंजाब इकाई ने पार्टी अनुशासन और संगठनात्मक मर्यादा के कथित उल्लंघन को लेकर तीन नेताओं को शो-कॉज नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई 25 अगस्त 2026 को संगरूर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिए गए कथित बयानों के आधार पर की गई है।

नोटिस पाने वालों में बीजेपी संगरूर के पूर्व जिला अध्यक्ष रणदीप सिंह देओल, पूर्व जिला अध्यक्ष मनिंदर सिंह कपियाल और बीजेपी पंजाब के पूर्व प्रदेश सेल्स समन्वयक जतिंदर कालरा शामिल हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के बयानों पर उठे सवाल

पार्टी की अनुशासन समिति के मुताबिक, तीनों नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया और संगठन के आंतरिक मामलों तथा पार्टी से जुड़े मुद्दों पर बयान दिए।

बीजेपी का आरोप है कि इन बयानों की प्रकृति पार्टी की स्थापित नीति और संगठनात्मक अनुशासन के अनुरूप नहीं थी। समिति ने प्रथम दृष्टया माना कि इससे पार्टी की छवि, विश्वसनीयता और संगठनात्मक प्रतिष्ठा प्रभावित हो सकती है।

पंजाब BJP ने तीन नेताओं को भेजा शो-कॉज नोटिस, पार्टी अनुशासन उल्लंघन पर सात दिन में मांगा जवाब

सात दिन में देना होगा लिखित जवाब

बीजेपी ने तीनों नेताओं को नोटिस मिलने के बाद सात दिनों के भीतर लिखित जवाब दाखिल करने को कहा है। उनसे स्पष्ट करने को कहा गया है कि पार्टी अनुशासन के कथित उल्लंघन और संगठन की छवि को नुकसान पहुंचाने के आरोपों के संबंध में उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए।

अब तीनों नेताओं का जवाब इस मामले में अगला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

भूमिका और प्रेस कॉन्फ्रेंस के उद्देश्य पर भी सवाल

नोटिस में केवल बयानों को लेकर स्पष्टीकरण नहीं मांगा गया है। पार्टी ने तीनों नेताओं से प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनकी भूमिका के बारे में भी जानकारी मांगी है।

इसके अलावा उन्हें यह बताने को कहा गया है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने का उद्देश्य क्या था और उसमें किन परिस्थितियों में पार्टी से जुड़े आंतरिक मुद्दों पर बयान दिए गए।

जवाब नहीं दिया तो कार्रवाई की चेतावनी

अनुशासन समिति ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर जवाब नहीं मिलने पर पार्टी संविधान और नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है। नोटिस में यह भी संकेत दिया गया है कि ऐसी स्थिति में बिना अतिरिक्त नोटिस के उचित अनुशासनात्मक कदम उठाया जा सकता है।

इससे साफ है कि पंजाब बीजेपी ने मामले को गंभीरता से लिया है और संगठन के भीतर सार्वजनिक बयानबाजी को लेकर सख्त संदेश दिया है।

सोम प्रकाश की अनुशासन समिति ने भेजा नोटिस

ये कारण बताओ नोटिस बीजेपी पंजाब की अनुशासन समिति के अध्यक्ष सोम प्रकाश की ओर से जारी किए गए हैं। फिलहाल तीनों नेताओं की ओर से जवाब सामने नहीं आया है।

अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि नेता अपने बयानों और प्रेस कॉन्फ्रेंस की भूमिका को लेकर क्या सफाई देते हैं और पार्टी उस जवाब के आधार पर आगे क्या फैसला लेती है। संगठन के भीतर मतभेद अगर सार्वजनिक मंच तक पहुंचते हैं, तो उनके राजनीतिक असर से ज्यादा महत्वपूर्ण यह होगा कि पार्टी इस विवाद को किस तरह सुलझाती है।

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