
पटना के लोहा पुल के पास ट्रेन की चपेट में आने से करीब 18 वर्षीय युवक की मौत हो गई। शुरुआत में उसकी पहचान नहीं हो सकी, लेकिन पुलिस की नजर हाथ पर लिखे नाम और मोबाइल नंबर पर पड़ी। इसी सुराग ने आखिरकार परिवार तक पहुंचने का रास्ता दिखाया।
लोहा पुल के पास हुआ दर्दनाक हादसा
पटना के लोहा पुल के पास ट्रेन की चपेट में आने से करीब 18 वर्षीय युवक की मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही पटना साहिब जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया। घटना के शुरुआती दौर में मृतक की पहचान नहीं हो सकी थी, जिससे पुलिस के सामने उसकी शिनाख्त करना चुनौती बन गया।

हाथ पर लिखा था नाम और मोबाइल नंबर
मामले में अहम सुराग तब मिला, जब पटना साहिब जीआरपी के सहायक सब इंस्पेक्टर बृज किशोर पांडे की नजर मृतक के हाथ पर पड़ी।
हाथ पर नाम और मोबाइल नंबर लिखा हुआ था। पुलिस ने इसी नंबर को आधार बनाकर युवक के परिजनों तक पहुंचने की कोशिश शुरू की। सब इंस्पेक्टर मन्नू कुमार ने नंबर पर संपर्क किया और बातचीत के बाद मृतक की पहचान हो गई।
सौरभ कुमार के रूप में हुई पहचान
पुलिस के मुताबिक, मृतक की पहचान सौरभ कुमार, उम्र करीब 18 वर्ष, पिता स्वर्गीय शिव कुमार प्रसाद, निवासी नवी नगर गांव, थाना दीपनगर, जिला नालंदा के रूप में हुई।
पहचान की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने परिवार को घटना की जानकारी दी। हादसे की खबर मिलते ही परिजनों में मातम छा गया और वे पटना के लिए रवाना हुए।
सुन और बोल नहीं सकता था सौरभ
परिजनों ने पुलिस को बताया कि सौरभ सुन और बोल नहीं सकता था। वह श्रवण और वाणी संबंधी समस्या से जूझ रहा था।
ऐसे में हादसे के बाद उसकी पहचान करना और भी मुश्किल हो गया था। हालांकि, हाथ पर लिखे मोबाइल नंबर ने पुलिस को परिवार तक पहुंचने में महत्वपूर्ण मदद की।
पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव
जीआरपी ने शव को पोस्टमार्टम के लिए पीएमसीएच भेज दिया है। पुलिस अब हादसे की परिस्थितियों की जांच कर रही है।
जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि सौरभ रेलवे ट्रैक के पास कैसे पहुंचा और ट्रेन की चपेट में आने की घटना किन परिस्थितियों में हुई।
जांच से साफ होगी हादसे की वजह
फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच से मिलने वाले तथ्यों का इंतजार कर रही है। इन्हीं के आधार पर हादसे की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
सौरभ की मौत ने उसके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। एक अज्ञात शव से शुरू हुई पुलिस की पड़ताल हाथ पर लिखे एक नाम और मोबाइल नंबर के सहारे परिवार तक पहुंची, लेकिन इस पहचान के साथ एक परिवार की दुनिया हमेशा के लिए बदल गई।
